अबू क़तादा आतंकवाद के आरोपों से बरी

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जॉर्डन की एक अदालत ने कट्टरपंथी मौलवी अबू क़तादा को आतंकवाद के आरोपों से बरी कर दिया है.
उन्हें साल 2000 में आयोजित मिलेनियम समारोह में बाधा डालने की साज़िश रचने के आरोपों से मुक्त कर दिया गया.
इस साल जून में उन्हें 1998 में धमाकों की साज़िश रचने के आरोपों से भी बरी किया गया था.
ब्रिटेन से प्रत्यर्पण
<link type="page"><caption> अबू क़तादा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/02/120207_abu_qatada_rn.shtml" platform="highweb"/></link> को लंबी जद्दोजहद के बाद 2013 में ब्रिटेन से जॉर्डन <itemMeta>hindi/international/2013/07/130707_qatada_deported_aj</itemMeta> किया गया था.
उन पर राजधानी अम्मान के पास मारका स्थित सैन्य छावनी में बनी अदालत में मुक़दमा चलाया गया.
<link type="page"><caption> अबू क़तादा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/02/120206_abuqatada_rn.shtml" platform="highweb"/></link> पर आरोप था कि उन्होंने जॉर्डन में आयोजित मिलेनियम समारोह में पश्चिमी और इसराइली लोगों को निशाना बनाने के लिए लोगों को अपने लेखों के ज़रिए आध्यात्मिक समर्थन दिया.
जॉर्डन के और अमरीकी जांचकर्ताओं ने इस समूह पर नज़र रखी और समारोह से हफ़्तों पहले अम्मान के घरों में छापेमारी की.

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<link type="page"><caption> </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/02/120206_abuqatada_rn.shtml" platform="highweb"/></link>अभियोजन पक्ष के मुताबिक़ छापों के दौरान अबू क़तादा की लिखी किताबें मिली थीं. उन्होंने उन पर साज़िश रचने वालों को आर्थिक सहायता देने का आरोप लगाया था.
हालांकि अबू क़तादा ने मुक़दमे के दौरान इन आरोपों से इनकार किया. अबू क़तादा के वकीलों का कहना है कि कुछ ही घंटों में उनके रिहा होने की संभावना है मगर ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि वह 'ब्रिटेन वापस नहीं आ रहे हैं.'
अबू क़तादा का असली नाम उमर ऑथमन है. उन्हें 1994 में ब्रिटेन ने शरण दी थी. लेकिन ब्रितानी सुरक्षा एजेंसी एमआई5 ने उन्हें हमेशा ख़तरे के रूप में ही देखा.
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