आईएस से बचकर भागे 1.3 लाख कुर्द

तुर्की में कुर्द शरणार्थी

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सीरिया से पिछले दो दिनों के दौरान क़रीब 1.30 लाख कुर्द शरणार्थियों ने तुर्की में शरण ली है.

वे इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों के बढ़ते कब्ज़े से डर कर भागे हैं. आईएस के लड़ाके सीरिया-तुर्की सीमा पर स्थित कोबानी नगर से मात्र 10-15 किलोमीटर दूर हैं.

शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएचसीआर से जुड़ी कैरल बैचलर ने कहा कि शुक्रवार को लोगों ने सीमा पर आठ गेटों से तुर्की में जाना शुरू किया था और सोमवार सुबह तक एक लाख से अधिक लोग सीमा पार कर चुके हैं.

शरणार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तुर्की ने सीमा पर कुछ रास्तों को बंद करने का फ़ैसला किया है.

'हवाई हमलों में 40 मरे'

तुर्की में कुर्द शरणार्थी

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इस बीच सीरिया के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इदलीब प्रांत में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाक़ों में सरकार की हवाई कार्रवाई में 40 से अधिक लोग मारे गए हैं.

लंदन से संचालित सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमैन राइट्स का कहना है कि रविवार को सराक़ेब और एहसीम में हवाई कार्रवाई की गई. संस्था ने कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने का दावा किया है.

तुर्की में लाखों शरणार्थी

ताज़ा शरणार्थियों के पहुंचने से पहले आठ लाख 47 हजार शरणार्थी तुर्की में अपना पंजीकरण करवा चुके हैं.

माना जा रहा है कि सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ तीन साल पहले शुरू हुई बगावत के बाद से दस लाख से अधिक लोग तुर्की में शरण ले चुके हैं.

तुर्की में कुर्द शरणार्थी

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तुर्की के लिए इतनी भारी तादाद में शरणार्थियों से निपटना मुश्किल हो रहा है. कुछ लोगों को खचाखच भरे स्कूलों में शरण दी गई है.

तुर्की में कुर्द शरणार्थी

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ज़मीनी लड़ाई

इस बीच ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि आईएस के लड़ाकों के ख़िलाफ़ लड़ाई में मदद के लिए सेना भेजने से इनकार नहीं करना चाहिए.

उन्होंने कहा, "हवाई हमलों से चरमपंथियों को रोका जा सकता है, लेकिन उन्हें हराया नहीं जा सकता है. इसलिए ज़मीनी लड़ाई के लिए अतिरिक्त सेना की जरूरत होगी.

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