अब आईएस से टक्कर लेगी नई इराक़ी सरकार

इराक़ की नई सरकार के सदस्य

इमेज स्रोत, EPA

हफ़्तों के राजनैतिक गतिरोध के बाद इराक़ी संसद ने प्रधानमंत्री हैदर अल-आबदी के नेतृत्व में एक नई सरकार को मंज़ूरी दे दी है.

नई सरकार को इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए अहम माना जा रहा है. इराक़ के लगभग एक तिहाई इलाके पर आईएस का कब्ज़ा है.

सरकार में सुन्नी और कुर्दी उप-प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए हैं और अल आबदी ने कहा है कि वे रक्षा और गृह मंत्रियों के नामों का ऐलान एक हफ़्ते में कर देंगे.

सत्ता में भागीदारी के एक समझौते के तहत बाकी मंत्रालयों को बहुसंख्यक शिया समुदाय, सुन्नी और कुर्द समुदायों के बीच बांट दिया गया है.

पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी के इस्तीफ़े के बाद उदारवादी शिया नेता हैदर अल-आबदी को सरकार बनाने के लिए कहा गया था.

अल-मलिकी को जबरन इस साल अगस्त में इस्तीफ़ा देना पड़ा था. सुन्नी अरब और कुर्दी समुदायों ने उनकी सरकार पर सांप्रदायिक नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था.

अमरीका ने नई सरकार को इराक़ के लिए एक “अहम मील का पत्थर” बताया है.

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