पाक: प्रदर्शनकारी संसद के परिसर में घुसे

इस्लामाबाद

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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इमरान ख़ान और ताहिरुल क़ादिरी के समर्थक संसद भवन के परिसर में घुसने में कामयाब हो गए हैं.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता आसिफ़ फ़ारुक़ी का कहना है कि यदि प्रदर्शनकारी संसद भवन में दाख़िल होने की कोशिश करते हैं तो उन्हें फ़ौज का सामना करना होगा.

इससे पहले जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री निवास की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे थे तो सुरक्षा बलों ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां दाग़ी.

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री हाउस की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई है.

शहर के दो अस्पतालों ने बीबीसी को बताया कि कुल 264 लोग घायल हुए हैं जिनमें कम से कम 26 पुलिसकर्मी हैं. घायलों में दो की हालत गंभीर है.

इस्लामाबाद पुलिस को प्रमुख खालिद खटक ने बीबीसी को बताया कि क़रीब 100 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया है.

उन्होंने कहा, "गिरफ़्तार किए गए कई प्रदर्शनकारी कुल्हाड़ी जैसे हथियारों से लैस थे. मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि उनके पास बंदूकें भी हैं. हालांकि हमने कोई बंदूक नहीं देखी."

सेना की तैनाती बढ़ाई

सरकार ने प्रधानमंत्री हाउस समेत पूरे रेड ज़ोन की सुरक्षा सेना के हवाले कर रखी है.

इमरान ख़ान

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रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने एक निजी टेलीविज़न चैनल से बातचीत में कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर सेना को कार्रवाई करने का आदेश दिया जा सकता है.

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रक्षा मंत्री ने यह भी कहा है कि हिंसा के बीच बातचीत संभव नहीं है.

इस्लामाबाद

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इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के गृहमंत्री चौधरी निसार ने संवाददाताओं से कहा है, ''ये लोग सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा करना चाहते हैं लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने भी संविधान और देश की रक्षा करने की शपथ ले रखी है.''

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शरीफ़ से इस्तीफ़े की मांग को लेकर इमरान ख़ान ने 14 अगस्त को लाहौर से आज़ादी मार्च की शुरुआत की थी. धर्मगुरु ताहिरुल क़ादरी ने भी उसी दिन इंक़लाब मार्च शुरू किया था.

प्रदर्शनकारियों पर आंसूगैस का इस्तेमाल

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दोनों का दावा है कि शरीफ़ ने पिछले साल हुआ आम चुनाव धांधली से जीता था. शरीफ़ ने आरोप से इंकार किया है और मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को मामूली बताया है.

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