इसराइल की पेशकश ठुकराकर हमास ने दाग़े रॉकेट

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हमास के चरमपंथियों का कहना है कि उन्होंने इसराइल पर कई रॉकेट दाग़े हैं.
इसराइल ने ग़ज़ा में 12 घंटे के संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था जिसे हमास ने ख़ारिज कर दिया है.
हमास ने इसराइल पर आरोप लगाया है कि वह संघर्ष विराम के बहाने और हमलों की तैयारी कर रहा है.
हमास का कहना है कि लड़ाई थोड़ी देर के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह से बंद होनी चाहिए.
ग़ज़ा पर इसराइली हमलों में एक हज़ार से अधिक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.
मारे गए अधिकतर फ़लस्तीनी आम नागरिक हैं.
वहीं हमास के हमलों में 42 इसराइली मारे गए हैं जिनमें 40 सैनिक हैं.
ग़ज़ा में स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि 19 दिनों की अब तक की लड़ाई में लगभग 5,900 फ़लस्तीनी घायल हुए हैं.
दोनों पक्षों के बीच मूल संघर्ष विराम का समय स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे ख़त्म हो गया.
संघर्ष विराम के प्रयास जारी

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ग़ज़ा में हमास ने इस समय का इस्तेमाल शवों को हटाने और रसद जुटाने में किया.
इसराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष विराम का समय 24 घंटे के लिए बढ़ाने का आग्रह किया था.

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उन्होंने बताया, ''कैबिनेट ने तय किया कि संघर्ष विराम का समय चार घंटे बढ़ाकर आधी रात तक कर दिया जाए और संयुक्त राष्ट्र के आग्रह पर विचार किया जाए.''

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उन्होंने दावा किया कि इसराइली सुरक्षा बलों ने इस दौरान कोई हमला नहीं किया.

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लेकिन हमास के प्रवक्ता इहाब अल-हुसैन ने बीबीसी को बताया कि इसराइल के इस प्रस्ताव को कई वजहों से ख़ारिज़ कर दिया गया.

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उन्होंने कहा कि हमास चाहता है कि ग़ज़ा की नाकाबंदी ख़त्म की जाए और लड़ाई पूरी तरह से बंद की जाए.
उन्होंने आरोप लगाया कि इसराइल पहले भी संघर्ष विराम के बहाने हमलों की तैयारी करता रहा है.
वहीं फ्रांस की राजधानी पेरिस में अमरीका, तुर्की, क़तर और कई अन्य देशों के विदेश मंत्रियों ने चर्चा की है और दोनों पक्षों से संघर्ष विराम बढ़ाने की अपील की है.
ब्रितानी विदेश मंत्री फिलिप हेमोंड ने बीबीसी से कहा है कि दोनों पक्षों को बातचीत के लिए एक टेबल तक लाने में संघर्ष विराम की अहम भूमिका होगी.
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