गज़ा में मिले 20 रॉकेट: यूएन एजेंसी

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फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम कर रही संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए ने कह है कि वह गज़ा पट्टी के एक खाली स्कूल में छिपा कर रखे गए 20 रॉकेटों के मिलने की घटना की जांच कर रही है.
गुरुवार को एजेंसी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का 'संगीन उल्लंघन' है.
एजेंसी ने कहा है कि रॉकेटों को हटा दिया गया है और 'संबंधित पक्षों' को सूचना दे दी गई है. एजेंसी ने बुधवार को गज़ा पट्टी के एक खाली स्कूल से लगभग 20 रॉकेट बरामद किए थे.
संघर्ष विराम पर 'सहमति'
उधर, इसराइल के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि इसराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच गज़ा में संघर्ष विराम पर समझौता हो गया है.
इस समझौते को शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे से प्रभावी होना है.

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हालांकि चरमपंथी संगठन हमास ने मिस्र में हुए ऐसे किसी समझौते से इनकार किया है, लेकिन इसके लिए कोशिशें जारी हैं.
इससे पहले, इसराइली सुरक्षा बलों ने कहा था कि गुरुवार को संक्षिप्त संघर्ष विराम के दौरान फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने गज़ा से कम से कम तीन रॉकेट दागे.
चरमपंथी गुट हमास और इसराइल गुरुवार को पांच घंटे के लिए संघर्ष रोकने पर राज़ी हुए थे ताकि गज़ा के लोग अपने लिए खाने-पीने का ज़रूरी सामान ख़रीद सकें.
अब तक 227 मौतें
गज़ा के अधिकारियों का कहना है कि पिछली आठ जुलाई से इसराइली हमलों में अब तक 227 फ़लस्तीनी मारे गए हैं. हमास के रॉकेट हमले में एक इसराइली नागरिक मारा गया है.

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फ़लस्तीन से हो रहे रॉकेट हमलों के ख़िलाफ़ इसराइल ने अपना अभियान आठ जुलाई को शुरू किया था.
हमलों को लेकर इसराइल और हमास अलग-अलग दावे करते रहे हैं.
जहां इसराइल ने फ़लस्तीनी चरमपंथियों पर लगातार रॉकेट हमलों का आरोप लगाया है, वहीं हमास टीवी ने दावा किया है कि दक्षिणी गज़ा के रफ़ाह में इसराइल ने रॉकेट दागे हैं.
इससे पहले, इसराइली सेना ने कहा था कि संघर्ष विराम के दौरान यदि उस पर हमला हुआ तो वह इसका 'तुरंत जवाब' देंगे.
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