ग़ज़ा हमला: 81 फ़लस्तीनियों की मौत

गज़ा पर इसराइल का हवाई हमला

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फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक ग़ज़ा पर इसराइल की ओर से जारी हवाई हमलों में अभी तक मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 81 हो गई है, जबकि करीब 540 लोग घायल हुए हैं.

स्थानीय स्वास्थ्य सेवा ने बताया है कि इनमें से सबसे घातक हमला दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी के ख़ान यूनुस शहर पर किया गया.

इसराइली हमले में एक हमास कार्यकर्ता के घर और समुद्र तट पर स्थित एक कैफे को नुकसान पहुंचा है. साथ ही, हमले में पांच बच्चों और तीन महिलाओं सहित 17 लोग मारे गए हैं.

फ़लस्तीनी संगठन हमास की ओर से इसराइल पर गुरुवार को रॉकेट हमले जारी रहे.

दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि 'ग़ज़ा चाकू की धार पर' है. उन्होंने इसराइल सरकार और फ़लस्तीनी लड़ाकों से संघर्ष समाप्त करने की अपील की है.

बिगड़ते हालात

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि यह इलाक़ा 'फिर से एक युद्ध नहीं झेल सकता.'

मारे गए फलस्तीनी के रिश्तेदार

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उन्होंने कहा, "बिगड़ते हालात और बिगड़ने की तरफ़ बढ़ रहे हैं, जो जल्द ही नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं."

दोनों पक्षों के बीच पिछले हफ़्ते तनाव तब बढ़ा जब तीन अपहृत इसराइली युवकों के शव एक गड्ढे से मिले. उसके बाद एक फ़लस्तीनी किशोर की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी.

इसराइल के अनुसार फ़लस्तीनी संगठन हमास ने बुधवार को इसराइली शहरों पर रॉकेटों से हमला किया. इससे पहले मंगलवार को इसराइल ने ग़ज़ा में हवाई हमले किए थे.

ग़ज़ा के चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार मारे जाने वालों में आधे से ज़्यादा आम नागरिक थे. मरने वालों में बच्चे और महिलाएँ थे.

आपातकालीन बैठक

बान ने हमास के लड़ाकों से रॉकेट हमले बंद करने और इसराइली सरकार से संयम बरतने के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा के अंतराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की अपील की.

इसराइल का कहना है कि इसराइली युवकों के अपहरण के लिए हमास ज़िम्मेदार है जबकि हमास इससे इनकार करता है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून
इमेज कैप्शन, गज़ा के हालात पर चिंतित बान की मून

पूर्वी यरूशलम से अपहरण के बाद मारे गए फ़लस्तीनी युवक के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद इसराइली पुलिस ने छह यहूदियों को हत्या के संदेह में गिरफ़्तार किया था.

इसराइली पुलिस के अनुसार फ़लस्तीनी युवक की हत्या उसकी राष्ट्रीयता के कारण की गई.

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