'ग़ज़ा पर हमले तेज़ करेगा' इसराइल

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ग़ज़ा पट्टी पर पिछली रात किए गए इसराइल के कई हवाई हमलों के जवाब में फ़लस्तीनी संगठन हमास की ओर से भी इसराइली शहरों पर 48 रॉकेट दाग़े गए हैं.
इसराइली सेना का कहना है कि उसकी आयरन डोम मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली ने बुधवार को 14 रॉकेट नष्ट किए. इसमें तेल अवीव शहर के ऊपर दो, एश्केलॉन के ऊपर तीन और अशदोद शहर के ऊपर दो मिसाइल नष्ट किए गए.
पिछले हफ्ते पश्चिमी तट में तीन इसराइली युवकों और यरूशलम में एक फलस्तीनी किशोर की हत्या के बाद से तनाव चरम पर है.
इसराइल ने हमास को तीनों इसराइली युवकों के अपहरण और मौत का ज़िम्मेदार बताया है, जिससे हमास ने इनकार किया.
ग़ज़ा अधिकारियों के अनुसार इसराइली हमले में अब तक 35 फलस्तीनी नागरिक मारे गए हैं. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. जबकि 150 से ज़्यादा घायल हुए हैं.
गंभीर कार्रवाई
हमास की सेना ने इसराइल को चेतावनी दी है कि अब सभी इसराइली निशाने पर हैं.

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इसके जवाब में इसराइल का कहना है कि वह हमास के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज करेगा.
इसराइल की सेना ने बताया कि रात भर किए गए हमले में 31 सुरंगों और 60 रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया गया. इसराइल ने इस अभियान को 'ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज' का नाम दिया है.
इसराइल अब तक 550 ठिकानों पर हवाई हमले कर चुका है. इस बीच गज़ा से 100 किलोमीटर की दूरी पर बसे हदेरा पर भी एक रॉकेट छोड़ा गया.
भारी कीमत

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इसराइल के रक्षा मंत्री मोशे यालोन ने बुधवार को कहा कि अगले कुछ दिनों में हमास के खिलाफ अभियान और तेज होगा और उनसे 'भारी कीमत वसूल' की जाएगी.
इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता मार्क रेगेव ने बीबीसी को बताया कि इसराइली सेना का मकसद 'हमास के सैन्य संगठन को जड़ से खत्म कर देना है'.
उधर फलस्तीनी शासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसराइल से हवाई हमले तुरंत रोकने की मांग की थी.

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ग़ज़ा स्थित फ़लस्तीनी मानवाधिकार केंद्र के प्रमुख राजी सौरानी ने इसराइल पर आरोप लगाया है कि वह जानबूझकर नागरिकों को निशाना बना रही है.
उन्होंने बीबीसी को बताया, "इसराइल फलस्तीनी चरमपंथी समूहों पर दबाव बनाने के लिए नागरिकों को निशाना बना रहा है. फलस्तीनी नागरिकों के लिए यहां अब कोई जगह सुरक्षित नहीं बची है."
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