अमरीका: 'आम लोग हुए जासूसी के शिकार'

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अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने जिन लोगों की निगरानी की थी, उनमें 99 फ़ीसद आम इंटरनेट उपभोक्ता थे.
अमरीकी अख़बार वाशिंगटन पोस्ट के <link type="page"><caption> एक विश्लेषण के अनुसार</caption><url href="http://www.washingtonpost.com/world/national-security/in-nsa-intercepted-data-those-not-targeted-far-outnumber-the-foreigners-who-are/2014/07/05/8139adf8-045a-11e4-8572-4b1b969b6322_story.html?hpid=z1" platform="highweb"/></link> एनएसए के ''किसी और के लिए बिछाए गए जाल'' में निर्दोष लोग फंस गए.
अख़बार के मुताबिक़ आम उपभोक्ताओं की बेहद निजी जानकारियां एजेंसी ने अपने पास रखीं, जबकि उनका कोई ख़ुफ़िया उपयोग नहीं था.
हालांकि अख़बार का कहना है कि इन दस्तावेज़ों में ''कुछ महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारियां'' भी थीं.
यह जानकारी एनएसए के पूर्व कॉन्ट्रेक्टर एडवर्ड स्नोडन ने उपलब्ध कराई है.
अख़बार के मुताबिक़ उसने एनएसए द्वारा 2009 से 2012 के बीच इकट्ठा किए गए एक लाख 60 हज़ार ईमेल, संदेश और 11 हज़ार ऑनलाइन अकाउंट से जुड़े 7900 दस्तावेज़ों का विश्लेषण किया है.
विश्लेषण

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वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार चार महीने की इस खोजबीन में उजागर हुआ है कि 10 में से नौ अकाउंट होल्डर ऐसे थे, जिन पर निगरानी रखने का इरादा नहीं था.
जिन आम लोगों की जानकारी इकट्ठा की गई, उनमें कई अमरीकी भी थे.
एडवर्ड स्नोडन ने व्हिसलब्लोवर की भूमिका निभाते हुए एनएसए के ख़ुफ़िया कार्यक्रम से जुड़ी अहम जानकारियां सार्वजनिक की थीं.
इसके बाद मई 2013 में वह अमरीका छोड़कर चले गए थे. फिलहाल उन्होंने रूस में अस्थायी तौर पर शरण ले रखी है.
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