चीन में मानवाधिकार हनन पर बोलेंगी एंगेला?

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जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल सातवीं बार चीन यात्रा पर हैं. तीन दिन की यात्रा के दौरान चीन के साथ जर्मनी के कारोबारी रिश्तों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है.
एंगेला इस दौरे में चीन के प्रधानमंत्री ली कचियांग और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वार्ता भी करेंगी.
दोनों देशों में महत्वपूर्ण कारोबारी संबंध हैं. मर्केल के साथ जर्मन व्यावसायियों का बड़ा दल भी चीन जा रहा है.
रविवार को वह चीन के दक्षिण-पूर्वी शचुआन प्रांत की राजधानी चंगदू पहुँचीं. चंगदू में 150 से ज़्यादा जर्मन कंपनियां काम करती हैं.
यूरोप के बाहर चीन अमरीका के बाद जर्मन उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा ख़रीदार है.
जर्मनी की उम्मीद
बीबीसी बर्लिन के संवाददाता स्टिफ़ेन इवांस के मुताबिक़ जर्मनी के लिए चीन का बाज़ार काफ़ी महत्व रखता है.
वहीं चीन अपने बढ़ते हुए मध्य वर्ग की ज़रूरतों के मद्देनजऱ जर्मनी से मशीन और कार के ज़्यादा आयात की उम्मीद रखता है.
इससे पहले मर्केल चीन में मानवाधिकार हनन के मुद्दे पर बयान दे चुकी हैं. मगर यह स्पष्ट नहीं कि इस दौरे में चीनी नेताओं से इस मुद्दे पर बात करेंगी या नहीं.
जर्मनी ने पिछले साल 67 अरब यूरो के उत्पाद चीन को बेचे थे. जबकि चीन से उसने 73 अरब यूरो के उत्पाद ख़रीदे थे.
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