इराक़: अमरीकी हमले से क्या हासिल होगा?

USS George HW Bush

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    • Author, जोनाथन मार्कस
    • पदनाम, बीबीसी कूटनीतिक संवाददाता

इराक़ी सरकार ने सुन्नी चरमपंथी संगठन आईएसआईएस की बढ़त रोकने के लिए अमरीका से हवाई हमला करने के लिए औपचारिक तौर से अनुरोध कर दिया है. इसके साथ ही अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है.

ऐसा पहली बार नहीं कि जब इराक़ सरकार ने मदद मांगी है और अब तक अमरीका ने वहां किसी तरह की कार्रवाई से परहेज़ किया है.

इराक़ी बलों को अतिरिक्त हथियार दिए गए हैं. बग़दाद स्थित अमरीकी दूतावास को मज़बूत करने के लिए अमरीकी सैनिक और नौसैनिकों को भेजा गया है.

इसके साथ ही ओबामा प्रशासन अगर ज़रूरी हुआ, तो हवाई हमला करने की तैयारी भी कर रहा है.

अमरीकी विमानवाहक पोत–यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश को खाड़ी में सामरिक मोर्चे की ओर भेजा जा चुका है.

ज़मीनी हक़ीक़त

इस विमानवाहक के साथ क्रूज़र यूएसएस फिलीपींस सी और और विध्वंसक यूएसएस ट्रक्सटन भी हैं, जो ज़मीन पर मौजूद किसी भी लक्ष्य पर क्रूज़ मिसाइल दाग सकते हैं.

बराक ओबामा

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अगर ज़रूरी हुआ, तो अमरीकी वायु शक्ति को पहले से इस इलाक़े में तैनात दूसरे युद्धक विमानों और सहायक विमानों की मदद मिल सकती है.

अमरीका की ये तैयारियां तो साफ़ तौर से दिखाई देती हैं, लेकिन साथ ही अमरीका ख़ुफ़िया तरीक़े से यह जानने की कोशिश भी करेगा कि वास्तव में ज़मीन पर क्या चल रहा है.

हालांकि <link type="page"><caption> विमानों के जरिए हस्तक्षेप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/06/140618_iraq_asks_us_for_airstrikes_ar.shtml" platform="highweb"/></link> करने को लेकर कई समस्याएं भी हैं:

1. लक्ष्य पर निशाना

अगर आईएसआईएस के लड़ाके तेज़ी से बग़दाद की तरफ बढ़ते हैं, तो अमरीका की तरफ से हवाई हमले अधिक संभव होंगे. मगर आमतौर पर हल्के वाहनों पर चलने वाला आईएसआईएस का दस्ता तेज़ी से आगे बढ़ता है.

कुछ विशेष परिस्थितियों में उन्हें आम नागरिकों से अलग करना मुश्किल होगा. हो सकता है कि अमरीकी ज़मीन पर कुछ विशेष सुरक्षा बलों को तैनात करें, जो इराक़ी सैनिकों के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि लक्ष्य की पहचान की जा सके.

2. हमला कितना बड़ा?

<link type="page"><caption> आईएसआईएस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/06/140618_iraq_isis_profile_ap.shtml" platform="highweb"/></link> के अपने दस्तावेज़ों के मुताबिक़ वो एक सुसंगठित और स्पष्ट ढांचे वाला गुट है. अमरीकी उसके बारे में कितना जानते हैं? हो सकता है कि वो ड्रोन के इस्तेमाल से उसके शीर्ष नेतृत्व पर हमला करना चाहे.

इराक में आईसीआईसी की चुनौती

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भौगोलिक लिहाज़ से क्या हमला केवल इराक़ी सीमा तक सीमित होगा या पेंटागन को इसकी इजाज़त दी जाएगी कि वह सीरिया के भीतर आईएसआईएस से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए. आईएसआईएस की गतिविधियों ने दोनों देशों की सीमा को अप्रासंगिक बना दिया है.

3. राजनीतिक संदर्भ क्या?

वॉशिंगटन में माना जाता है कि इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी मलिकी अपनी स्थिति के लिए ख़ुद ज़िम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने सरकार चलाने के लिए एक भ्रष्ट और सांप्रदायिक नज़रिए को आगे बढ़ाया.

अमरीका इराक़ में समावेशी राजनीति चाहता है. यह सही है कि कुछ सुन्नी सरकार का समर्थन कर रहे हैं, पर आईएसआईएस का हमला देश में व्यापक बेचैनी के संकेत देता है.

इस सभी कारणों से <link type="page"><caption> राष्ट्रपति बराक ओबामा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/06/140619_obama_iraq_congress_ap.shtml" platform="highweb"/></link> का झुकाव लड़ाई से परहेज़ करने की ओर हो सकता है.

अगर मलिकी अमरीकी वायु शक्ति के हस्तक्षेप के बिना आईएसआईएस को रोक सकते हैं, तो ज़्यादा बेहतर होगा.

अगर इराक़ी सेना ऐसा करने में असफल रहती है, तो व्हाइट हाउस को मजबूर होना पड़ेगा कि वो अपने युद्धक विमानों को कार्रवाई के लिए भेजे.

<bold>(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>