चीन में नौ लोगों को सज़ा-ए-मौत

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चीन के उत्तर-पूर्वी इलाक़े शिनजियांग में चरमपंथ के आरोप में नौ लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है.
सरकारी टीवी चैनल का कहना है कि ये नौ लोग उन 81 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें दोषी पाया गया है. यह सज़ा छह अलग-अलग अदालतों ने सुनाई. इन लोगों पर हत्या और आगजनी करने जैसे आरोप थे.
अभी हाल ही में 29 संदिग्ध चरमपंथियों को उरुमचि में हिरासत में लिया गया था. इन पर अलगाववाद को बढ़ावा देने और जातीय नफ़रत फैलाने का आरोप है.
चीनी अधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ रहे हिंसक हमलों के लिए वीगुर चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराते हैं.
हमलों की श्रृंखला
इन हमलों में बीजिंग के तियेनएनमेन चौक पर एक कार से किया गया हमला भी शामिल है, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा उरुमचि और कुमियांग के रेलवे स्टेशनों पर हुए हमले हुए थे.
सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक़ गुरुवार को जिन लोगों को सज़ा सुनाई गई, उन पर चरमपंथी संगठन को संगठित करने, उसका नेतृत्व करने या उसमें शामिल होने का आरोप है.
शिनजियांग की छह अदालतों में 23 अलग-अलग मामलों की सुनवाई हुई. टीवी चैनल के मुताबिक़ इन अदालतों ने सज़ा-ए-मौत और लंबे कारावास की सज़ाएं सुनाई हैं.
बीबीसी संवाददाता जॉन सुडवर्थ का कहना है कि जो सज़ाएं सुनाई गई हैं, वह क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा अभियान का एक हिस्सा हैं.
शिनजियांग की राजधानी उरुमचि में सड़क किनारे लगने वाले एक बाज़ार में हुए पांच आत्मघाती हमलों में 39 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद अभी पिछले महीने ही चीन ने चरमपंथ के खिलाफ सालभर चलने वाले एक अभियान की शुरुआत की है.
शिनजियांग में पिछले हफ़्ते ही एक अदालत ने 55 लोगों को आतंकवाद, अलगाववाद और हत्या के आरोपों में सज़ा सुनाई थी.
संवाददाताओं का कहना है कि आम लोगों पर बढ़ रहे हमलों के लिए चीन वीगुर अलगाववादियों को ज़िम्मेदार ठहराता है, जो ख़ुद को विदेशी कट्टर धार्मिक विचारों से प्रेरित बताते हैं.
वहीं आलोचक इसके लिए शिनजियांग के लिए चीन की नीति को ज़िम्मेदार मानते हैं. वे वहां बढ़ रही कट्टरता और असंतोष के लिए आर्थिक असमानता, सांस्कृतिक और धार्मिक स्तर पर दमन को जिम्मेदार मानते हैं.
वहीं चीन का कहना है कि वह शिनजियांग में पैसा ख़र्च कर रहा है. लेकिन कुछ वीगुर लोगों का कहना है कि उनकी परंपराओं और स्वतंत्रता को ख़त्म किया जा रहा है.
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