कैसे जुटाए कैंसर मरीज ने 30 करोड़ रूपए

स्टीफ़न सटन

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स्टीफ़न सटन कैंसर के इलाज़ के दौरान इस बात को लेकर दृढ़ निश्चयी थे कि वे अपनी कहानी को एक दुखद कहानी नहीं बनने देंगे.

अपनी किस्मत को कोसने के बजाए उन्होंने मरने से पहले 46 चीज़ों की सूची बनाई जिसमें भीड़ के सामने ड्रम बजाने, टैटू बनवाने और इन सब में सबसे महत्वपूर्ण टीनएज़ कैंसर ट्रस्ट के लिए क़रीब 10 लाख रूपए जुटाने जैसी उनकी ख्वाहिशें शामिल हैं.

कैंसर ट्रस्ट के लिए जुटाया जाने वाला यह धन सोशल नेटवर्किंग साइट और जैसन मैनफ़ोर्ड और जिम्मी कैर जैसी जानी मानी हस्तियों की मदद के चलते अब लगभग 30 करोड़ रूपए के क़रीब पहुँच चुका है.

प्रेरणा

सितंबर 2010 में स्टीफ़न के आंत में कैंसर का पता चला था जो जल्द ही उनके धुटने और उसके बाद फेफड़े और लीवर तक में फैल गया.

तीन सालों के भीतर उनके सात बड़े ऑपरेशन किए गए और चार अलग अलग कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के सत्र हुए.

अप्रैल 2014 में फ़ेसबुक पर उनकी अंगूठा दिखाती तस्वीर आने के बाद पूरी दुनिया में लोग दान देने के लिए प्रेरित हुए.

स्टीफ़न सटन

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एक लाख पैतीस हज़ार से ज़्यादा लोग इस मुहिम में अब तक दान दे चुके हैं. हास्य अभिनेता जैसन मैनफ़ोर्ड अस्पताल में स्टीफ़न से मिलने के बाद काफ़ी प्रभावित है. उन्होंने #थम्बसअप फॉर स्टीफ़न अभियान चलाया है जिसमें वे लोगों से अभियान को प्रोत्साहित करने के लिए खुद की सेल्फ़ी साझा करने के लिए कहते हैं.

मैनफ़ोर्ड ने स्टीफ़न को "प्रेरणादायक लड़का" बताया है.

हास्य अभिनेता ने कहा, " जीवन को समय से नहीं बल्कि उपलब्धियों से मापना चाहिए. यह जिंदगी का सबसे बड़ा दर्शन है और टीनएज़ कैंसर ट्रस्ट के लिए धन जुटाने के प्रति स्टीफ़न के समर्पण ने मुझे हिलाकर रख दिया. "

प्रभावशाली व्यक्तित्व

16 दिसंबर, 1994 को जन्मे स्टीफ़न अपने शहर बर्नटवूड, स्टैफर्डशायर में स्कूली शिक्षा ली.

वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी रहे. उन्होंने वालसाल यूथ टीम के लिए फ़ुटबॉल खेला और देश से बाहर अपनी काउंटी का प्रतिनिधित्व किया.

जैसन मैनफ़ोर्ड और स्टीफ़न सटन

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परीक्षा के वक़्त कीमोथेरेपी से गुज़रने के बावजूद उन्होंने कॉलेज में अच्छा प्रदर्शन किया.

उनकी योजना एक डॉक्टर बनने की थी. इसके लिए उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में साक्षात्कार भी दिया था.

लेकिन यह जानने के बाद कि उनका कैंसर लाइलाज है उन्होंने अपना आवेदन वापस ले लिया.

उनके प्रधानाध्यापक स्टुअर्ट जोंस ने कहा, " मैं जितने लोगों से अब तक मिला हूँ उसमें स्टीफ़न सबसे अद्भुत व्यक्ति थे. "

7 जनवरी 2013 को स्टीफ़न ने अपनी ज़िंदगी की बातों का ऑनलाइन पेज़ " स्टीफ़न स्टोरी " बनाकर साझा करने का फ़ैसला लिया. जिसमें उन्होंने 46 चीज़ों की सूची बनाई थी जो वे करना चाहते थे.

अपने फ़ेसबुक संदेश में स्टीफ़न ने कहा कि वे ख़ुद को मिले समर्थन से अभिभूत है.

उन्होंने कहा, " लोगों का एक साथ इस मक़सद के लिए आना वाकई में दिल को छूने वाला है. मेरी और भविष्य में होने वाले किसी भी कैंसर मरीज जिन्हें इन पैसों से मदद मिलेगी की तरफ से धन्यवाद.

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