'जापान के सैन्य स्टेशन से भड़क सकता है चीन'

जापान ने ताइवान के समुद्र तट से दूर अपने एक द्वीप पर विशेष सैन्य राडार स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया है. समझा जा रहा है कि जापान के इस क़दम से पहले से ही नाराज़ चीन का ग़ुस्सा और भड़क सकता है.
ये राडार प्रणाली जापान योनागुनी द्वीप पर स्थापित कर रहा है जो कि जापान अधिकृत विवादित द्वीप सेनकाकू से महज़ डेढ़ सौ किलोमीटर दूर है. जापान के इस द्वीप पर चीन अपना दावा करता है और चीन ने इस द्वीप को तियाओयू नाम दिया हुआ है.
पत्रकारों का कहना है कि इस राडार प्रणाली की स्थापना से जापान चीन के काफी अंदर तक निगाह रख सकेगा.
इस परियोजना की शुरुआत के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोडेरा ने कहा कि देश की सैन्य पहुंच को दक्षिण पश्चिम द्वीपों तक बढ़ाया जा सकता है ताकि जापान के अन्य द्वीपों को भी सुरक्षित रखा जा सके और उन पर नजर रखी जा सके.
योनागुनी द्वीप
योनागुनी द्वीप पर इस तरह की सैन्य कार्यवाही पिछले चालीस साल में जापान की ओर से अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया पहला क़दम है.
चीन और जापान के बीच कुछ द्वीपों को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है.
जापान में इन द्वीपों को सेनकाकू के नाम से जाना जाता है जबकि चीन के लोग इसे तियाओयू के नाम से जानते हैं.
चीन के अनुसार ये द्वीप प्राचीन समय से चीन के रहे हैं. जापान ने कुछ साल पहले कुछ निजी जापानी मालिकों से इन द्वीपों को खरीदा है और उसके बाद से दोनों देशों के बीच इन्हें लेकर गंभीर विवाद चल रहा है.
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