पाक: संघर्ष विराम बढ़ाने से तालिबान का इनकार

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पाकिस्तान में प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन 'तहरीके तालिबान पाकिस्तान' ने सरकार के साथ संघर्ष विराम को आगे नहीं बढ़ाने का फ़ैसला किया है. इस संघर्ष विराम की घोषणा एक महीने पहले की गई थी.
संगठन के प्रवक्ता शाहिद अल्लाह शाहिद ने बुधवार को मीडिया को जारी किए गए एक बयान में कहा कि संगठन की शूरा ने आमराय से संघर्ष विराम को आगे नहीं बढ़ाने का फ़ैसला करते हुए यह घोषणा की है कि सरकार के साथ बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखा जाएगा.
बयान के मुताबिक संगठन पूरी गंभीरता के साथ बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखेगा और सरकार की तरफ से स्पष्ट प्रगति होने की स्थिति में तालिबान पाकिस्तान कोई ठोस क़दम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.
बयान में तहरीके तालिबान पाकिस्तान ने दावा किया है कि शांति क्षेत्र, क़ैदियों की रिहाई और तालिबान विरोधी कार्रवाई रोकने की मांग के संबंध में सरकार की तरफ़ से कोई ठोस विचार पेश नहीं किए गए, जबकि बातचीत को आगे बढ़ाने और विश्वास की बहाली के लिए ऐसा ज़रूरी था.
दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत का एक दौर पूरा हुआ है.
इससे पहले तालिबान ने एक बयान जारी कर कहा था कि वो उलेमाओं की अपील, तालिबान की समिति के सम्मान और इस्लाम और देश हित में एक महीने के लिए संघर्ष विराम की घोषणा करते हैं.
पाकिस्तान सरकार का रुख भी तालिबान के प्रति सकारात्मक रहा है. पाकिस्तान के गृहमंत्री चौधरी निसार अली ख़ान ने सात मार्च को कहा था कि तालिबान पाकिस्तानी सरकार के दुश्मन हो सकते हैं लेकिन वे पाकिस्तान के दुश्मन नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि तालिबान के साथ बातचीत को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव उपाए करेगी.
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