रूस समर्थक लड़ाके कर रहे हैं सरकारी इमारतों पर कब्जा

पू्र्वी यूक्रेन में एक इमारत की निगरानी करते लड़ाके

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रूस समर्थक लड़ाकों ने पूर्वी यूक्रेन की एक और सरकारी इमारत पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया है. इन लड़ाकों ने सरकारी इमारतें खाली करने या बल प्रयोग का सामना करने की यूक्रेन सरकार की समय सीमा को नज़रअंदाज़ कर दिया है.

यूक्रेन सरकार ने कहा है कि अगर ये लड़ाके तय समय सीमा का पालन नहीं करते तो यूक्रेन की सेना बलपूर्वक इन इमारतों को खाली कराएगी.

<link type="page"><caption> यूक्रेन: क्रेमातोर्स्क में पुलिस मुख्यालय पर क़ब्जा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/04/140413_ukraine_military_action_future_vs.shtml" platform="highweb"/></link>

यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति ओलेक्जेंडर तुर्चिनोव ने इन लड़ाकों को सरकारी इमारतों को छोड़ने के लिए ग्रीनीच मानक समय के अनुसार छह बजे (भारतीय समय के अनुसार दिन के 11.30 बजे) तक का समय दिया था. अंतरिम राष्ट्रपति ने इसके बाद सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी.

रूस समर्थक लड़ाकों ने सरकार की की तय की गई समय सीमा का उल्लंघन करते हुए पूर्वी यूक्रेन में सरकारी इमारतों पर कब्जा करना जारी रखा है.

प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने होर्लीव्का क़स्बे में एक पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया और इमारत को कब्जे में ले लिया.

जनमत संग्रह

रूस समर्थक एक लड़ाका पहरा देता हुआ

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ओलेक्जेंडर तुर्चिनोव ने कहा है कि यूक्रेन देश के भविष्य के निर्णय के लिए जनमत संग्रह के 'विरोध' में नहीं है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि देश में जनमत संग्रह कराया जाए.

जनमत संग्रह पर सहमति जताते हुए तुर्चिनोव ने रूस के 'आक्रामक' रवैए की आलोचना की.

उन्होंने बताया कि यूक्रेन देश के पूर्वी हिस्से में सरकारी इमारतों पर कब्जा करने वाले बंदूकधारियों के ख़िलाफ़ 'चरमपंथ विरोधी' अभियान चलाने की तैयारी कर रही है.

यूक्रेन में मौजूद बीबीसी संवाददाता के अनुसार स्थानीय लोगों में सरकार को इस रवैए को लेकर काफ़ी बेचैनी है. लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं सरकार रूस-समर्थक लड़ाकों पर नियंत्रण करने के लिए क्या सचमुच सेना का प्रयोग करेगी या नहीं.

<link type="page"><caption> तस्वीरेंः यूक्रेन के करीब रूसी सेनाओं की मौजूदगी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/04/140411_russian_military_near_ukraine_vs.shtml" platform="highweb"/></link>

इससे पहले ओलेक्सेंडर तुर्चिनोव ने कहा था कि क्राईमिया में जो हुआ वे उसे दोहराने नहीं देंगे. क्राईमिया पिछले महीने रूस में शामिल हो गया था.

कार्यवाहक राष्ट्रपति के संसद में दिए गए संदेश का देश भर में सीधा प्रसारण किया गया. रूस समर्थक लड़ाकों के क़रीब आधा दर्जन शहरों पर हमलों के बाद राष्ट्रपति ने यह संदेश दिया.

नेटो की चिंता

पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक लड़ाके

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नेटो के महासचिव ने भी पूर्वी यूक्रेन के ताज़ा घटनाक्रम पर चिंता ज़ाहिर की है.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत का कहना है कि हमलों में रुस के शामिल होने के संकेत दिखते हैं. रूस ने पूर्वी यूक्रेन के ताज़ा घटनाक्रम में अपनी भूमिका के आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है.

पूर्वी यूक्रेन में बड़ी संख्या में रूसी भाषी लोग रहते हैं. फ़रवरी में रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही इन इलाक़ों में यूक्रेन विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.

<link type="page"><caption> रूस समर्थक लड़ाकों से लड़ेगा यूक्रेन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/04/140413_ukraine_latest_developments_dil.shtml" platform="highweb"/></link>

यूक्रेन के राष्ट्रपति तुर्चिनोव ने कहा है कि यूक्रेन के पूर्वी इलाक़ों में क्राईमिया में हुए घटनाक्रम को दोहराने नहीं दिया जाएगा.

उन्होंने कहा, "हमलावर...देश के पूर्वी हिस्सों में अव्यवस्था के बीज बो रहा है."

तुर्चिनोव ने यह भी कहा कि सोमवार तक हथियार डाल देने वाले लड़ाकों के ख़िलाफ़ कोई मामला नहीं चलाया जाएगा.

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