अफ़ग़ानिस्तान: चुनाव आयोग मुख्यालय पर हमला

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अफ़ग़ानिस्तान में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से एक सप्ताह पहले काबुल में चुनाव आयोग मुख्यालय पर विद्रोहियों ने हमला किया है.
अफ़ग़ान पुलिस ने बताया कि कुछ बंदूकधारी पास की इमारत में घुसे और वहां से स्वचालित हथियारों की मदद से चुनाव आयोग मुख्यालय पर हमले करने लगे.
अफ़ग़ानिस्तान में पांच अप्रैल को राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और तालिबान ने इन चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की है.
एक दिन पहले ही काबुल में विदेशी राहतकर्मियों की एक इमारत पर बड़ा हमला किया गया था.
समाचार एजेंसी एपी ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है कि हमलावर कड़ी सुरक्षा घेरे वाले अंतरराष्ट्रीय चुनाव आयोग के परिसर के भीतर दाख़िल नहीं हुए हैं, बल्कि वे वहां से 500 मी दूर स्थित एक घर से गोलीबारी कर रहे हैं.
आईईसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि हमलावर भारी भरकम सुरक्षा घेरे में मौजूद इंडिपेंडेंट इलेक्शन कमीशन (आईईसी) की इमारत पर हमला करने के लिए पास तीन मंजिला इमारत का इस्तेमाल एक लॉंचिंग पैड की तरह कर रहे हैं.
उन्होंने आगे जानकारी दी है कि रॉकेट से दागे गए ग्रेनेड के कारण परिसर के भीतर मौजूद गोदाम में आग लग गई है.
तालिबान का हाथ

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उधर काबुल के पुलिस प्रमुख जनरल जाहिर ने बीबीसी को बताया है कि उन्होंने "हमले पर काबू पा लिया गया है".
बीबीसी संवाददाता डेविड लोयान के मुताबिक़ विद्रोही चुनाव आयोग मुख्यालय पर राइफल और कुछ भारी हथियारों से हमले कर रहे हैं.
आईईसी के प्रवक्ता नूर मोहम्मद नूर ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया, "हमने आईईसी परिसर के भीतर दो धमाके सुने. गोली चलने की आवाज़ें अब तक आ रही हैं. लेकिन लोगों को कोई ख़तरा नहीं है. वे एक सुरक्षित कमरे में जमा हैं."
समाचार एजेंसी ने आगे जानकारी दी है कि इन हमलों की ज़िम्मेदारी तालिबान ने ली है.
तालिबान पहले ही घोषणा कर चुका है कि वह 5 अप्रैल को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में चुनाव कर्मचारियों, मतदाताओं और सुरक्षा बलों पर हमले के ज़रिए चुनाव को बाधित करेगा.
इस हफ्ते अफगान राजधानी में आईईसी पर यह दूसरा हमला है.
अफगानिस्तान में तालिबान के ताजे हमलों में 28 मार्च को कुछ बंदूकधारियों की ओर से काबुल के एक गेस्टहाउस में विदेशी सहायताकर्मियों को बंधक बनाने की घटना शामिल है. अधिकारियों के अनुसार उन्होंने गली में खेल रही 10 साल की एक बच्ची को भी गोली मार दी.
25 मार्च को काबुल स्थित आईइसी कार्यालय पर तालिबान ने आत्मघाती हमला किया. इस हमले में दो पुलिस जवान मारे गए.
जबकि 20 मार्च को अफगानिस्तान के पूर्वी इलाके में हुए हमले में 18 पुलिस जवानों की मौत हो गई. यही नहीं, काबुल के एक महंगे होटल में हुए एक अन्य हमले में चार विदेशी नागरिकों सहित नौ लोग भी मारे गए.
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