मिस्र: अल-सीसी के चुनाव लड़ने का खंडन

अब्दुल फतह अल-सिसी

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मिस्र की सेना ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल अल सीसी राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे.

सेना के प्रवक्ता कर्नल अहमद अली ने कहा कि कुवैत के अल सियासत अख़बार की रिपोर्ट सही नहीं हैं और उसमें उनकी बातों को ग़लत तरीके से पेश किया गया है.

कुवैत के 'अल-सियासत' अख़बार ने अल-सीसी के हवाले से कहा था कि, 'मिस्रवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वो चुनाव लड़ेंगे.'

अखबार ने अल-सीसी के हवाले से कहा था, ''मैं लोगों की मांग को ख़ारिज नहीं करूंगा.''

पिछले महीने सेना के शीर्ष नेतृत्व ने चुनाव में खड़े होने के लिए उन्हें फील्ड मार्शल बनाते हुए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था.

मिस्र में राष्ट्रपति चुनाव अगले छह महीने के भीतर होने वाले हैं.

संवाददाताओं के अनुसार, फील्ड मार्शल सीसी अगर वाकई राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन जाते हैं तो उनके भारी बहुमत से जीतने की प्रबल संभावना है.

पिछले साल जुलाई में व्यापक प्रदर्शन के बाद जब से सेना ने इस्लामी राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को पद से हटाया था उसके बाद से सीसी की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है.

लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मिस्र के प्रथम राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी इस समय जेल में हैं और चार अलग-अलग अभियोगों का सामना कर रहे हैं.

मोहम्मद मोर्सी

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अल-सीसी की जगह

मोर्सी और उनके राजनीतिक दल मुस्लिम ब्रदरहुड ने सेना पर तख्तापलट करने का आरोप लगाया है.

जवाब में, सेना समर्थित अंतरिम सरकार ने मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है और पार्टी के हजारों समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया है.

पिछले महीने, मिस्र की सेना की सर्वोच्च परिषद (सुप्रीम काउंसिल ऑफ आर्म्ड फोर्सेस) ने फील्ड मार्शल अल-सीसी को राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होने की अनुमति दी थी.

परिषद ने कहा था, ''सीसी के प्रति लोगों का विश्वास, समय की ऐसी पुकार है जिसे लोगों द्वारा स्वतंत्र चुनाव के रूप में सुना जाना चाहिए.''

सरकारी समाचारपत्र अल-अहराम के मुताबिक, सैन्य प्रमुख के रूप में उनकी जगह को भरने के लिए चीफ ऑफ स्टाफ जनरल सिद्दीकी सोभी को चुना गया है.

अल-सीसी के समर्थकों का कहना है कि वो एक ऐसे ताक़तवर नेता हैं जो सालों से चली आ रही अशांति के बाद मिस्र को स्थिरता की ओर ले जा सकते हैं.

हालांकि उनके विरोधियों का कहना है कि वो एक कठोर सैन्य शासक हैं जो मिस्र को फिर से दमनकारी अतीत की तरफ ले जा रहे हैं.

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