'पैसा देकर बच्चों का यौन शोषण देखते हैं'

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बीबीसी की एक जाँच में पता चला है कि कुछ ब्रितानी फ़िलीपींस में बच्चों के यौन शोषण को वेबकेम से देखने के लिए पैसे चुका रहे हैं.
एक मामले में एक ब्रितानी नागरिक ने फ़िलीपींस के एक ही परिवार के पाँच बच्चों के शोषण को देखने की व्यवस्था की थी.
समाजसेवी संस्थाओं का मानना है कि दस हज़ार से ज़्यादा बच्चे इस गोरखधंधे के शिकार हैं.
गुरुवार को ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी ने बताया कि वह कैसे अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और फ़िलीपींस की पुलिस के साथ मिलकर जाँच में जुटी है.
एजेंसी ने बताया कि ब्रितानी, अमरीकी और ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने मिलकर फ़िलिपींस में बच्चों से वेबसेक्स करवाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है.
ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के मुताबिक 14 देशों में चले ऑपरेशन 'एंडेवर' में 17 ब्रितानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है.
पैसा देकर वेबकैम के ज़रिए बच्चों का लाइव यौन शोषण देखने वाले लोगों की पहचान के लिए तीन अन्य जाँचे भी चल रही हैं. इनमें 733 संदिग्धों में से 139 ब्रितानी नागरिक हैं.
जाँच में पता चला है कि ग्राहकों ने 37500 पाउंड चुकाए और ये पैसा पीड़ित बच्चों के रिश्तेदारों को मिला.
साइबरसेक्स के ख़िलाफ़ इस ऑपरेशन में पुलिस ने अन्य देशों में 29 लोगों को गिरफ़्तार किया गया जिनमें 11 को फ़िलिपींस में बच्चों का शोषण करवाने के लिए गिरफ़्तार किया गया.
मामले की जाँच के लिए बीबीसी की एक टीम सेबू शहर के नज़दीक इबाबाओ की बस्ती में पहुँची.
स्थानीय संस्थाओं के मुताबिक़ यह जगह इस अवैध व्यापार का केंद्र है.
सुरक्षा कारणों के चलते बीबीसी टीम हथियारों से लैस पुलिस के साथ गई थी.
इस इलाक़े की निगरानी में तैनात अधिकारी डेनिस कोमुनी ने बताया, "साइबरसेक्स से आसानी से पैसा कमाया जा सकता है."
वे हमें लोहे की नालीदार छत वाले एक छोटे से घर में ले गए. इस खाली घर में गंदी चादरें और बिजली के सॉकेटों के सिवा कुछ नहीं था."
डेनिस के मुताबिक़ ये जगह साइबसेक्स का अड्डा है.
सेक्स के बदले पैसे

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उन्होंने बताया, "परिजन अपने बच्चों को यहाँ लेकर आते हैं और साइबरसेक्स के बदले पैसे लेते हैं."
उन्होंने यह भी बताया कि घर के मालिक ने अपने बच्चों को भी विदेशियों के सामने साइबरसेक्स करने के लिए मजबूर किया था.
पड़ोस के अन्य लोगों को जब साइबरसेक्स के ज़रिए पैसा कमाने के बारे में पता चला तो वे भी अपने बच्चों को लेकर यहाँ आने लगे.
पड़ोस के एक घर में दीवार पर पारिवारिक तस्वीरें लगी थी, डोर पर कपड़े सूख रहे थे लेकिन घर पूरी तरह खाली था.
इस घर पर पुलिस ने रेड की थी और दो साल के एक बच्चे को छुड़ाया था.
यहाँ रहने वाले सभी लोगों ने कहा कि वे साइबरसेक्स व्यापार के बारे में जानकर हैरान हैं.
एक महिला ने कहा, "घर बंद रहता है, मैं अंदर जाए बिना या देखे बिना यह कैसे जान सकती हूँ कि वहाँ क्या चल रहा है."
एक हालिया सर्वे में पता चला है कि इस इलाक़े के 80 घर साइबरसेक्स व्यापार में लिप्त थे.
लघु उद्योग
पीड़ित बच्चों को क़ानूनी सहायता उपलब्ध करवा रहे विभाग में कार्यरत नोएमी एबारिंतोस कहती हैं कि यह एक लघु उद्योग बन गया है.

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वे ग़रीबी और नैतिकता में आई गिरावट को इस व्यापार के बढ़ने के लिए ज़िम्मेदार मानती हैं.
वे बताती हैं कि स्थानीय व्यापारी इंटरनेट कनेक्शन और लैपटॉप किराए पर देते हैं जिससे परिवारों के लिए यह धंधा शुरू करना आसान हो जाता है.
परिजन इंटरनेट चैटरूम के ज़रिए ग्राहक खोजते हैं कि विदेशी पीडोफाइल असल में बच्चों को छू नहीं पाते हैं.
नोएमी कहती हैं कि यह भी मिथक ही है क्योंकि ग्राहक बच्चों को बदन के अंग छूने के लिए निर्देशित करते हैं. वे इन बच्चों को सेक्स टॉएज़ तक भेजते हैं.
देश के उत्तरी इलाक़े में बसे एंजेलेस शहर के दो घरों में 2012 में ब्रितानी, ऑस्ट्रेलियाई, अमरीकी और फिलीपींस की पुलिस छापा मारकर यह दर्शाया था कि दुनियाभर में इस धंधे के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है.
एक पड़ोसी ने बताया, "धंधा करा रहे व्यक्ति को पुलिस गिरफ़्तार करके ले गई थी और बच्चों को आज़ाद करा लिया था."
इस छापे में पाँच साल से पंद्रह साल की उम्र के 12 बच्चों को रिहा कराया गया था और उनके रिश्तेदारों को गिरफ़्तार कर लिया गया था.
उसी साल ब्रिटेन के नॉर्थेंप्टनशायर में रहने वाले टिमोथी फोर्ड को गिरफ़्तार किया गया था. वे इस समय एक ब्रितानी जेल में साढ़े आठ साल की सज़ा काट रहे हैं.
उसके लैपटॉप से बच्चों की अश्लील तस्वीरों और उनके परिजनों को भेजे गए पैसों की जानकारी मिली. जाँचकर्ताओं को पता चला कि उसने पाँच बच्चों का शोषण होते हुए देखा था.
उन्होंने बच्चों का शोषण देखने के लिए 13 पाउंड तक की रकम भी चुकाई. अधिकारियों को जाँच में पता चला कि टिमोथी फोर्ड इलाक़े में संपत्ति ख़रीदकर इंटरनेट कैफ़े खोलने की योजना बना रहा था.
नज़दीकी शहर ओलोंगापो में पीड़ित बच्चों की मदद करने के लिए एक संस्था चलाने वाले फ़ादर शेय कल्लेन कहते हैं कि अधिक परिवार अपने बच्चों को इस धंधे में धकेल रहे हैं. यहाँ बहुत पैसा आ रहा है.
वे कहते हैं कि इस धंधे की माँग बढ़ रही है जिस कारण अधिक बच्चों को इसमें धकेला जा रहा है.
फ़िलीपींस की सरकार मानती हैं कि देश में 60 हज़ार से एक लाख तक बच्चे यौन शोषण का शिकार हैं जिनमें से बहुत से साइबर सेक्स धंधे में लिप्त हैं.
कुछ बच्चों को उनके परिजन ही इस धंधे में ले जाते हैं तो अन्य को दलाल ऐसा करने के लिए मजबूर करते हैं.
गंभीर परिणाम
लानी जब पंद्रह साल की थी तब उन्हें भी साइबरसेक्स के लिए मजबूर होना पड़ा. वे कहती हैं कि यह एक बहुत बुरा व्यापार है.
उनकी एक रिश्तेदार ने उसे आया की नौकरी का भरोसा दिया था लेकिन जब वह घर पहुँची तो उससे विदेशियों से चैट करने के लिए कहा गया.
चैटिंग जल्द ही वेबकैम के ज़रिए उसे देख रहे विदेशियों की माँगे पूरी करने में बदल गई और उसे उनके सामने यौन क्रियाएं करने के लिए मज़बूर किया गया.
लानी कहती हैं कि जब लोग साइबरसेक्स के बारे में सुनते हैं तो उन्हें लगता है कि इसके कुछ शारीरिक परिणाम नहीं होते हैं.
वे कहती हैं, "लेकिन इसके बहुत गहरे प्रभाव होते हैं. यह पीड़ितों से उनका स्वाभिमान और पवित्रता छीन लेता है."
फ़ादर कल्लेन चेताते हैं कि ग़रीब बच्चों का साइबर शोषण करने वाले विदेशी अन्य अपराधों में भी लिप्त हो सकते हैं. वे कहते हैं कि यह किसी बच्चे पर यौन हमले को प्रेरित कर सकता है.
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