इराक़: सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच संघर्ष

अल-कायदा से जुड़े चरमपंथियों ने कई दिनों की हिंसा के बाद बृहस्पतिवार को इराक के दो शहरों फलूजा और रमादी के कुछ हिस्सों को अपने कब्जे में ले लिया. उनके साथ सुरक्षा बलों का संघर्ष जारी है.
ये दोनों शहर अनबार प्रांत में हैं जहाँ सुन्नी चरमपंथियों की गतिविधियाँ चरम पर हैं.
रमादी इलाके में सबसे पहले हिंसा सोमवार को उस समय भड़की जब सुरक्षा बलों ने सुन्नियों के सरकार विरोधी प्रदर्शन शिविर को उखाड़ फेंका. इलाके में हिंसा दो दिन तक जारी रही.
इसके बाद हिंसा पड़ोसी शहर फलूजा में भी फैल गई और अनबार प्रांत के दोनों शहरों से सुरक्षा बलों को हटा दिया गया. जो एक समय आतंकवाद का केंद्र माने जाते थे.
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने एएफपी को बताया "फलूजा का आधा इलाका अल-कायदा से जुड़े इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवंट (आईएसआईएल) संगठन के हाथों में है और आधा हिस्सा सशस्त्र कबायलियों के कब्जे में है."
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "चरमपंथियों ने केंद्रीय और दक्षिणी फलूजा में चौकियाँ बना रखी हैं, जिनमें छह से सात लोग तैनात किए हुए हैं."
अधिकारी ने कहा "इसी तरह रमादी में भी कुछ इलाके आईएसआईएल के नियंत्रण में हैं और कुछ अन्य इलाके क़बायलियों के कब्जे में हैं."
जबकि रमादी में एएफपी के पत्रकार ने देखा की कई दर्जनों ट्रक आईएसआईएल की प्रशंसा में गीत गाते हुए भारी संख्या में सशस्त्र लोगों को शहर के पूर्वी इलाके ले जा रहे हैं.
इसके अलावा चरमपंथी अपने हाथों में अक्सर आईएसआईएल के काले झंडे भी ले जा रहे हैं. जबकि इलाके में हिंसा की वजह से हालात काफी खराब हैं.
वहां रहने वाले अब्दुल नासिर ने कहा, "जो कुछ हो रहा है उसके कारण हम लोग अपने घरों में नहीं रह रहे हैं. यहां खाना नहीं है. यहां तक की अगर आप किसी तरह बाजार जा पाते हो तो भी वहां कुछ नहीं मिलता है."

एएफपी पत्रकार के अनुसार बुधवार को चरमपंथियों और सुरक्षा बलों के बीच छिटपुट झड़पें हुईं, चार पुलिस स्टेशनों को आग लगा दी लेकिन बृहस्पतिवार तक दोनों पक्षों के बीच झड़पें कम हो गईं.
अधिकारियों ने कहा "फ़लूजा में पुलिस बुधवार को अपने अधिकांश ठिकानों को छोड़ गई थी और चरमपंथियों ने कुछ पुलिस स्टेशनों को आग लगा दी, हथियार जब्त कर लिए और सौ से अधिक कैदियों को रिहा कर दिया था."
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी ने घोषणा की, "सैनिकों को अनबार प्रांत के तनावग्रस्त इलाकों से हटा लिया जाएगा लेकिन दूसरे दिन उन्होंने इस फैसले से इऩकार कर दिया था."
सुरक्षा अधिकारियों ने कहा, "बृहस्पतिवार को सुरक्षा बल रमादी और फ़लूजा के बाहर तैनात थे. मलिकी काफी समय पहले से विरोध प्रदर्शन शिविर को हटाना चाहते थे, जिसे वह अल-कायदा नेतृत्व का मुख्यालय कहते थे."
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