बग़दाद में सिलसिलेवार धमाके, 27 की मौत

अधिकारियों का कहना है कि इराक़ की राजधानी बग़दाद और आसपास के इलाक़ों में सिलसिलेवार हुए बम धमाकों में कम से कम 27 लोग मारे गए हैं और कई अन्य ज़ख़्मी हुए हैं.
सबसे ज़ोरदार हमला शाम के वक़्त हुआ जहां केंद्रीय सद्रिया ज़िले के बाज़ार स्थित कैफ़े के बाहर कम से कम 16 लोग मारे गए.
इससे पहले, एक कार बम के ज़रिए यहां एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया जिसमें तीन लोग मारे गए.
इराक़ में हाल के महीनों में जातीय हिंसा बढ़ी है.
आँकड़ा
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस साल अक्तूबर में हुई हिंसा में 979 लोग मारे गए जिनमें पुलिस के 158 और सेना के 127 जवान शामिल हैं.
इस साल जनवरी के बाद से यहां 6,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं जो साल 2008 के बाद हिंसक घटनाओं में मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
इराक़ी सरकार ने हालिया हिंसा के लिए अलक़ायदा से जुड़े चरमपंथी सुन्नी संगठनों को ज़िम्मेदार ठहराया है जो ख़ासतौर पर शिया नागरिकों को निशाना बनाते हैं.
फ्रांस की पेशकश
इराक़ में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र फ्रांस के राजदूत डेनिस ग्वेर ने सुरक्षाबलों को हथियार, प्रशिक्षण और ख़ुफ़िया अभियानों में सहयोग की पेशकश की है.
राजनयिकों का कहना है कि इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने हिंसा की समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं.
मलिकी शिया हैं और सुन्नी समुदाय के लोग उनके इस्तीफ़े की मांग करते रहे हैं. उन पर अल्पसंख्यक सुन्नी समुदाय को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं.
अधिकारियों को आशंका है कि देश में अगले साल अप्रैल में संसदीय चुनाव से पहले हिंसा की घटनाओं में इज़ाफ़ा हो सकता है.
इस चुनाव में नूरी अल मलिकी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की कोशिश करेंगे.
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