नीदरलैंड्स: यौनकर्मियों ने मांगे फ़ुटबॉलरों जैसे अधिकार

नीदरलैंड्स में यौनकर्मियों ने फुटबॉल खिलाड़ियों को मिलने वाले पेंशन अधिकारों के समान आधिकार हासिल करने के लिए अदालत की शरण ली है.
उनके वकील ने कोर्ट में दलील दी है कि अपने मुश्किल काम की वजह से यौनकर्मियों को भी विशेष 'टैक्स-फ्री' पेंशन फंड की अनुमति मिलनी चाहिए.
हेग से अन्ना होलीगन की रिपोर्ट के मुताबिक यौन कर्मियों का मुक़दमा लड़ने वाले वकील विल पोस्ट का कहना है कि, ''फुटबॉल खिलाड़ियों की तरह ही यौन कर्मी भी अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण समय में 'कठिन शारीरिक मेहनत' करते हैं और उनका करियर भी बहुत लम्बे समय तक नहीं चलता.''
सबसे उदार सेक्स कानून
यौन कर्मियों के वकील के मुताबिक पुरुष युवतियों को ज़्यादा वरीयता देते हैं और यही कारण है कि कुछ वर्षों बाद जब वे प्रौढ़ हो जाती हैं तो यौन कर्मियों को काम मिलना बंद हो जाता है.
हालांकि एम्सटर्डम के 'रेड लाइट एरिया' में अधिक उम्र की महिलाएं भी काम करती हैं लेकिन अपनी युवावस्था में उन्हें ज्यादा काम मिलता था.
फुटबॉल खिलाड़ियों को मिले विशेष पेंशन अधिकारों के तहत उन्हें एक महीने में पांच हजार यूरो की बचत करने पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है.

यौनकर्मियों का मानना है कि एक सुखद भविष्य के लिए उन्हें भी ये पेंशन अधिकार मिलने चाहिए.
2002 में नीदरलैंड्स में वैश्यावृत्ति को वैध कर दिया गया था और इसके बाद से ही रजिस्टर्ड यौनकर्मियों को टैक्स अदा करना भी अनिवार्य हो गया था.
'उदार सेक्स क़ानून'
नीदरलैंड्स में यौनकर्मी नियमित पेंशन के अधिकारी हैं लेकिन पेंशन अधिकारों के लिए लड़ रहे अभियान से जुड़े लोगों के मुताबिक सिर्फ पेंशन मिलना ही काफी नहीं है.
नीदरलैंड्स में यौनकर्मी खुले तौर पर अपनी सेवाओं के लिए अख़बार और इंटरनेट पर विज्ञापन भी दे सकते हैं. लेकिन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी भी कुछ यौनकर्मी गलियों में काम के लिए घूमते मिल जाती हैं.
इसीलिए नीदरलैंड्स में कई शहरों में यौनकर्मियों और उनके ग्राहकों के लिए विशेष कार पार्क वाले आधिकारिक 'गलियों' का निर्माण किया है.
नीदरलैंड्स में हज़ारों स्वरोज़गार करने वाली यौनकर्मी हैं. नीदरलैंड्स की गिनती दुनिया में 'कुछ सबसे उदार सेक्स कानून' बनाने वाले देशों में होती है.
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