मंडेला जानते थे जोखिम लेना: ओबामा

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति और रंगभेद के ख़िलाफ़ लम्बी मुहिम चलाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता दिवगंत नेता नेल्सन मंडेला की स्मृति-सभा के लिये जोहानेसबर्ग में देश-दुनिया के विशिष्ट लोगों सहित करीब एक लाख लोग जुटे हैं.
लगातार हो रही बारिश के बीच आम लोग भी जोहानेसबर्ग के एक स्टेडियम में डटे हुए हैं. यहां जगह पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग रात के वक्त ही पहुंच गये थे.
मंडेला और गांधी
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मंडेला की तुलना गांधी से की और उन्हें जोखिम उठाने वाला, सिद्धांतों से समझौता नहीं करने वाला नेता बताया.
ओबामा ने कहा, ''मंडेला का संघर्ष आपका संघर्ष था. मंडेला ने गांधी की तरह प्रतिरोध का आंदोलन चलाया और लोकतंत्र के लिये प्रतिबद्धता दिखाई.''

ओबामा ने कहा, ''उन्होंने जोखिम उठाया, वे जानते थे कि वे जो कर रहे हैं, उसके बदले उनके साथ क्या किया जायेगा, लेकिन वे अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे और अपना जीवन कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहे.''
मदीबा को याद करते हुए बराक ओबामा ने कहा, ''वे व्यावहारिक थे, वे आज़माइश करते थे, लेकिन बात जब संविधान और कानून बनाने की आई, मंडेला ने कोई समझौता नहीं किया.''
भारत के लिए रत्न थे मंडेला
भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नेल्सन मंडेला की भारत यात्रा को याद करते हुए कहा वे भारत के लिए एक रत्न थे, तभी उन्हें भारत रत्न से नवाज़ा गया था.
उन्होंने कहा कि मंडेला का हमारे बीच न होना, एक महान आत्मा का चले जाना है, मदीबा ने अपने लोगों के लिए एक ऐसा लक्ष्य हासिल किया जो लगभग नामुमकिन नज़र आता था.
प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वे एक असाधारण व्यक्ति थे जिन्होंने समूची मानवता को प्रेरित किया.
'खो दिया नायक'
इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून, नेताओं की जमात में पहले नेता थे जिन्होंने नेल्सन मंडेला की स्मृति सभा को संबोधित किया.
बान की मून ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने एक नायक खो दिया है. उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया ने एक प्यारा दोस्त खो दिया है.

रॉबिन द्वीप की जेल में मंडेला के साथ लगभग दो दशक गुजारने वाले एंड्रयू लेंगेनी ने भी स्टेडियम में मौजूद लोगों को संबोधित किया.
बान की मून और बराक ओबामा के अलावा ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ और क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो समेत अन्य देशों के शीर्ष नेता नेल्सन मंडेला को श्रद्धांजलि देंगे.
यूरोपीय संघ के अध्यक्ष जोसे मैनुएल बारोसो, ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ, फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास और भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी स्मृति सभा में शामिल होने वालों की सूची में हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, उप प्रधानमंत्री निक क्लेग और लेबर पार्टी के नेता ई. मिलिबैंड के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन, टोनी ब्लेयर और जॉन मेजर भी इस स्मृति सभा में शामिल होंगे.
अमरीका के तीन पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन और जिमी कार्टर भी स्मृति सभा में शामिल होंगे.
रंगभेद विरोधी आंदोलन के प्रमुख नेता पीटर गैब्रिएल और बोनो के भी इस स्मृति सभा में शामिल होने की उम्मीद है.
हालांकि बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा इस सभा में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि वीजा पाने की उनकी दो कोशिशें असफल हो गईं.

इसके अलावा इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी सभा में शामिल नहीं हो रहे हैं.
दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रपति जैकब जूमा स्मृति सभा को संबोधित करेंगे.
शोक सभाओं का तांता
दक्षिण अफ्रीका में मंडेला स्मृति सभाओं का तांता लगा हुआ है जो रविवार को राजकीय सम्मान के साथ होने वाली उनकी अंत्येष्टि तक जारी रहेगा.

यह स्मृति सभा बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के एक साथ इकट्ठा होने के सबसे बड़े आयोजन का गवाह बनेगी.
स्मृति सभा का आयोजन मंगलवार को 90,000 लोगों की क्षमता वाले दक्षिण अफ्रीका के सोवेटो स्थित एफएनबी स्टेडियम में किया जा रहा है.
मंडेला आखिरी बार इस स्टेडियम में सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए थे. कार्यक्रम को तीन अन्य स्टेडियमों में लगी बड़ी स्क्रीन पर भी दिखाया जाएगा.

बीबीसी संवाददाता जोए विंटर के अनुसार, सैकड़ों लोग अभी से स्टेडियम के बाहर जमे हुए हैं और कुछ लोग तो पूरी रात बाहर ही रहे.
नेल्सन मंडेला की तस्वीर वाली टी-शर्ट और दक्षिण अफ्रीका फुटबॉल के टॉप पहने लोगों की भीड़ रंगभेद विरोधी संघर्ष के दौर के गाने गा रही है.
फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में क्यूबा रंगभेद का मुखर विरोधी था और मंडेला ने इस समर्थन का आभार भी व्यक्त किया था.
स्मृति सभा
स्मृति सभा के लिए आए संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून सोमवार को जोहानेसबर्ग में नेल्सन मंडेला सेंटर देखने गए.
उन्होंने कहा, ''दुनिया नेल्सन मंडेला के दुख में मातम मना रहा है. वो हमारे समय की सबसे बड़ी हस्ती थे.''
''हम एक महान व्यक्ति के जाने से हुई क्षति के दुख में इकट्ठा हो रहे हैं.''

दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय के अनुसार 91 देशों के राष्ट्र प्रमुख नेल्सन मंडेला को श्रद्धांजलि देने के लिए दक्षिण अफ्रीका आ रहे हैं.
इसके अलावा 10 पूर्व-राष्ट्रप्रमुख, 86 प्रतिनिधि मंडलों के प्रमुख और 75 गणमान्य लोग आ रहे हैं.
मेमोरियल सर्विस भारतीय समयानुसार 3.30 बजे सुबह शुरू होगी और चार घंटे तक चलेगी.
मंगलवार को होने वाले इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थित सुनिश्चत करने के लिए लोग सोमवार रात से ही स्टेडियम के बाहर इकट्ठा होने लगे थे.
बीबीसी के राजनयिक संवाददाता जेम्स रोबिन्स के अनुसार, स्टेडियम में प्रवेश पर टिकट नहीं है इसलिए भारी संख्या में लोगों के आने की संभावना है.
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