मिस्र ने तुर्की के राजदूत को निष्कासित किया

मोहम्मद मोर्सी

मिस्र ने तुर्की के राजदूत को देश छोड़कर चले जाने के लिए कहा है. इससे एक दिन पहले ही तुर्की के नेता ने अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को रिहा करने की मांग की थी.

अधिकारियों का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच संबंधों पर असर पड़ेगा.

शुक्रवार को तुर्की के नेता रचेप तइप अर्दोआन ने जुलाई में मोहम्मद मोर्सी को अपदस्थ करने की दोबारा आलोचना की थी और मिस्र के अधिकारियों से उन्हें रिहा करने के लिए कहा था.

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अर्दोआन पर मिस्र के अंदरूनी मामलों में दख़ल देने और भड़काऊ बाते करने के आरोप लगाया है.

राजदूत हुसैन अवनी बोत्साली को निष्कासित करने के मिस्र के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए तुर्की ने भी मिस्र के राजदूत को अपने देश में अवांछित बताया है.

मिस्र में मोरसी को जिस तरह से अपदस्थ किया गया था, तुर्की उसकी प्रखर आलोचना करता रहा है. मोर्सी फ़िलहाल जेल में बंद हैं और मुक़दमे का इंतज़ार कर रहे हैं. उन पर हत्या और हिंसा के लिए लोगों को भड़काने का आरोप है.

मोर्सी, मुस्लिम ब्रदरहुड के उन हज़ारों लोगों में से एक हैं जिन्हें 'चरमपंथ' के ख़िलाफ़ संघर्ष बताकर चलाई गई मुहिम के दौरान बंधक बनाया गया था.

तब सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़पों में सैकड़ों लोग मारे भी गए थे.

बढ़ती कड़वाहट

मोर्सी समर्थक

अर्दोआन ने शुक्रवार को अपनी बात दोहराते हुए, अगस्त में मोर्सी समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए की गई हिंसा की भर्त्सना की थी.

मिस्र के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बद्र अब्देलती ने अर्दोआन पर मिस्र के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है.

उनका कहना है कि तुर्की ''मिस्र के हितों को ख़िलाफ़ जनमत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है और उन संगठनों की बैठक का समर्थन कर रहा है जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं.''

अगस्त की घटना के बाद शुरू हुए विवाद के चलते दोनों देशों ने अपने-अपने राजदूतों को वापस भी बुला लिया था.

तुर्की के राजदूत सितम्बर में मिस्र लौट गए थे लेकिन तुर्की में मिस्र के राजदूत को दोबारा कभी जगह नहीं दी गई.

मोर्सी की तरह अर्दोआन की जड़ें भी इस्लामी राजनीति में हैं. अंकारा और इस्तानबुल अंतरराष्ट्रीय मुस्लिम ब्रदरहुड की बैठकों की मेज़बानी करते रहे हैं.

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