मिस्रः मोर्सी मामले की सुनवाई जनवरी तक टली

मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी ने काहिरा में उनके और मुस्लिम ब्रदरहुड के 14 नेताओं के खिलाफ़ सुनवाई के दौरान जज से कहा कि यह सुनवाई ग़ैरकानूनी है क्योंकि वह मिस्र के विधि सम्मत राष्ट्रपति हैं.
सरकारी टेलीविजन के अनुसार सुनवाई शुरू होने के कुछ देर बाद ही इसे अस्थाई रूप से रोकना पड़ा क्योंकि प्रतिवादी नारे लगा रहे थे और मोर्सी ने जेल की वर्दी पहनने से इनकार कर दिया था.
मोर्सी की टिप्पणी और उनके वर्दी पहनने से इनकार के बाद जज ने सुनवाई को 18 जनवरी तक टाल दिया ताकि वकील मामले का अध्ययन कर सकें.
मोर्सी और मुस्लिम ब्रदरहुड के 14 अन्य वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ बीते साल दिसंबर में राष्ट्रपति भवन के बाहर हुई झड़प में प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिए उकसाने का आरोप है.
उनकी सरकार के खिलाफ़ जनप्रदर्शन के बाद जुलाई में सेना ने उसे सत्ता से हटा दिया था.
अब तक पूर्व राष्ट्रपति को एक अज्ञात सैनिक ठिकाने में रखा गया था लेकिन सुनवाई कर रहे जज ने उन्हें अब जेल भेजने का आदेश दिया.
कुछ ख़बरों के अनुसार उन्हें काहिरा के बाहरी इलाके में तोरा जेल में रखा जाएगा, कुछ अन्य ख़बरों में कहा गया है कि उन्हें अलेक्ज़ेंड्रिया की एक जेल में भेजा जाएगा.
हैलिकॉप्टर से लाए गए

मोर्सी के अदालत में पहुंचते ही जेल के बाहर और काहिरा में अन्य कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों की ओर से किए गए व्यापक विरोध प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनज़र देश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
सरकारी टीवी के अनुसार मोर्सी को पुलिस अकादमी परिसर में हैलिकॉप्टर से लाया गया जबकि मुस्लिम ब्रदरहुड के अन्य नेताओं को बख़्तरबंद निजी वाहनों वहां पहुंचाया गया.
सरकारी टीवी के अनुसार काहिरा की पुलिस अकादमी के अंदर अदालती कक्ष में वह पहुंचे हैं. मुस्लिम ब्रदरहुड के अन्य नेता एसाम अल-एरियान, अल बेलतागी और अहमद अब्देल आती भी वहां मौजूद हैं.
मोर्सी को पुलिस अकादमी परिसर में हैलिकॉप्टर से लाया गया जबकि अन्य अभियुक्तों को बख़्तरबंद निजी वाहनों से वहां पहुंचाया गया.

पूर्व राष्ट्रपति को दूर से नागरिकों के कपड़ों में देखा गया. मिस्र रेडियो के अनुसार 3 जुलाई को उन्हें अपदस्थ करने के बाद से उन्हें पहली बार सार्वजनिक रूप से देखा गया है.
यह सुनवाई पहले काहिरा के बाहर तोरा जेल में होनी थे लेकिन रविवार को देर शाम इसकी जगह बदल दी गई, ज़ाहिरा तौर पर प्रदर्शनों से बचने के लिए.
मोर्सी के पहुंचते ही वहाँ थोड़े से लोगों की भीड़ भी पहुंच गई और विशाल पुलिस परिसर के बाहर नारे लगाने लगी. शहर के केंद्र से करीब एक घंटे की दूरी पर स्थित इस जगह पर जल्द ही 200 तक प्रदर्शनकारी इकट्ठे हो गए थे.
हालांकि मोर्सी ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से जीता था लेकिन सत्ता में गुज़ारे 13 महीनों के दरम्यान वह कई प्रमुख मुद्दों पर नाकाम रहे थे.
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