चीन में एक बच्चे की नीति में ढील

चीन लंबे समय से चली आ रही अपनी एक संतान की नीति में ढील देगा और लेबर सुधार कैंपों को भी बंद करेगा.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने यह जानकारी देते हुए कहा कि अब चीन में विवाहित दंपति एक से ज़्यादा बच्चे पैदा कर सकते हैं बशर्ते उनमें से एक अपने माता-पिता की इकलौती संतान हो.
चीन ग्रामीणों और नस्ली अल्पसंख्यकों के लिए पहले से ही इस नीति में छूट थी.
शिन्हुआ के अनुसार चीन "कड़े श्रम द्वारा फिर से शिक्षित करने" वाले लेबर सुधार कैंपों की व्यवस्था को भी ख़त्म करेगा.
शिन्हुआ ने यह जानकारी देते हुए कहा, "यह क़दम मानव अधिकार की स्थिति सुधारने के लिए उठाया गया है."
चीन सरकार के ये निर्णय सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के तीसरे प्लेनम के बाद आया है.
चीन के नेताओं ने पहले भी इस व्यवस्था को समाप्त करने की बात की थी.
"लाओजियाओ"

करीब पाँच दशक पहले बनाए गए कैंपों में हज़ारों लोगों को "लाओजियाओ" के तहत रखा जाता था.
चीनी भाषा में "लाओजियाओ" का अर्थ है श्रम द्वारा फिर से शिक्षित करना.
चीन की पुलिस के पास किसी आरोपी को बग़ैर किसी मुकदमे के सालों तक इन कैंपों में रखने का अधिकार था.
शिन्हुआ के अनुसार, "इन कैंपों को हटाने का निर्णय चीन में मानव अधिकारों और न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है."
पिछले साल चुने गए चीन के वर्तमान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में हुई कम्युनिस्ट पार्टी के तीसरे प्लेनम में चीन में नए आर्थिक सुधार करने का भी निर्णय लिया गया है.
परंपरागत तौर पर कम्युनिस्ट पार्टी के तीसरे प्लेनम के बाद सुधारों की उम्मीद रहती है क्योंकि यह पार्टी चुनावों के करीब एक साल बाद होती है. एक साल में ये नेता पार्टी पर अपना पकड़ बना लेते हैं.
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