ऐसा गाँव जिसका ख़ुद का मोबाइल नेटवर्क है

मैक्सिको, टेलीफ़ोन नेटवर्क, मोबाइल
    • Author, विल ग्रांट
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

मेक्सिको के गांव तालेआ डि कास्ट्रो की अरसे से देश की मोबाइल फ़ोन कंपनियां यह कहकर उपेक्षा करती रहीं कि वह इतना दूर है कि वहां उनका नेटवर्क नहीं जा सकता.

इसके बाद इस गांव ने ख़ुद अपना फ़ोन नेटवर्क खड़ा करने का फ़ैसला लिया. मेक्सिको के अरबपति और दुनिया में सबसे अमीर कार्लोस स्लिम के आज ढेरों ग्राहक हैं.

लातिनी अमरीका में कार्लोस स्लिम की टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी अमरीका मोविल के तकरीबन दो करोड़ 62 लाख ग्राहक हैं और अकेले मेक्सिको में उनके पास देश के कुल मोबाइल फ़ोन उपभोक्ताओं का 70 फ़ीसदी है.

मगर कॉफ़ी उत्पादक गांव तालेआ दे कास्ट्रो के बाशिंदे इनमें शामिल नहीं हैं.

वर्षों तक गांव के लोग देश के प्रमुख मोबाइल नेटवर्कों से उनके गांव में मोबाइल फ़ोन एंटेना लगाने की मांग करते रहे.

मगर उन्हें हमेशा एक ही जवाब मिलता रहा, "सिर्फ़ दस हज़ार ग्राहकों के लिए ओक्साका के पहाड़ों के दूरदराज इलाक़ों में उनके इंजीनियर नहीं जा सकते."

तालेआ की नागरिक परिषद के सचिव विल्फ़्रीडो मार्टिनेज़ याद करते हुए कहते हैं कि फ़ोन कंपनियां, ‘‘हमसे ऐसी चीज़ें मांग रही थीं जो इस छोटे से समुदाय में मिलना मुमकिन नहीं था.’’

ख़ासकर वे गांववालों से बिजली की लाइनें और उनकी साइट तक नई सड़क बनवाना चाहते थे, जहां एंटेना खड़ा किया जाना था. इसमें बहुत सारे ख़र्च के अलावा स्थानीय लोगों को लालफ़ीताशाही का सामना करना पड़ता.

अपना मोबाइल नेटवर्क

कंपनियों की तरफ़ से ऐसी हठधर्मिता देखकर तालेआ के ढाई हज़ार बाशिंदों ने तय किया कि वो कुछ क्रांतिकारी करेंगे. सो, उन्होंने अपना मोबाइल फ़ोन नेटवर्क ही शुरू कर दिया.

मार्टिनेज़ कहते हैं, "हमने सारे गांव की बैठक बुलाई. सामुदायिक रेडियो नेटवर्क के लोगों को इसका पता था कि हम अपना टेलीफ़ोन सिस्टम शुरू कर सकते हैं. हमने कहा- बहुत खूब, इसी की तो हमें ज़रूरत है."

अमरीका की एक कंपनी की तकनीक और एक ग़ैर लाभकारी संगठन रीज़ोमैटिका की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके गांववालों ने एक घर की छत पर एक एंटेना खड़ा कर दिया ताकि उससे पूरे तालेआ गांव को कवरेज़ मिल सके.

तालेआ सेल्युलर नेटवर्क का जन्म हो चुका था.

गांव में कॉल-मैसेज मुफ़्त

मैक्सिको, टेलीफ़ोन नेटवर्क, मोबाइल

अब गांव में फ़ोन करना और मैसेज़ भेजना मुफ़्त है और बाहर फ़ोन करना बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के मुक़ाबले बेहद सस्ता है.

मार्टिनेज़ कहते हैं, "क़ीमतें बेहद कम हैं. मैंने अपने परिवार को अमरीका में पांच मिनट की कॉल की और सिर्फ 0.3 डॉलर का ख़र्च आया. यह लैंडलाइन के मुक़ाबले क़रीब दस गुना सस्ता है."

बहुत से लोगों ने मोबाइल फ़ोन लेकर अपनी आमदनी बढ़ा ली है. एक टैक्सी ड्राइवर रूबेन मार्शियल कहते हैं, "यह बहुत व्यवहारिक है. पहले हमें सिर्फ़ काम ढूंढने के लिए गलियों में घूमना पड़ता था."

जब कोई नया आदमी गांव में आता है तो उसे ख़ुद-ब-ख़ुद एक मैसेज मिलता है कि जिसमें बताया जाता है कि वे स्थानीय रेडियो स्टेशन में जाकर अपना फ़ोन रजिस्टर करा लें.

यहां उनकी मुलाक़ात केयला रामिरेज़ से होगी जो उन्हें एक शब्द में इसके फ़ायदे बताएंगी. वह कहती हैं, "संचार. एकदम शुरुआत से ही यह हमारा उद्देश्य रहा है. कभी-कभी खेतों में कोई दुर्घटना हो जाती थी तो पहले लोग किसी को बता नहीं पाते थे. अगर नदी में उफ़ान आता तो वो सारी दुनिया से कट जाते थे. या कोई सांप काट लेता था तो वो गांव तक नहीं पहुंच पाते थे. अब वे अपने परिवारों को फ़ोन कर सकते हैं और लोग आकर उनकी मदद कर पाएंगे."

स्थाई एंटिना

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बारिश के दौरान भी गांव वाले अपने नेटवर्क में सुधार की कोशिशें कर रहे हैं. शुरुआती लॉन्च के बाद से ही सभी फ़ोन कॉल सिर्फ़ पांच मिनट तक सीमित हैं ताकि सिस्टम की क्षमता कहीं चुक न जाए.

ऐसे में स्थानीय लोगों ने ख़ास तौर पर बने फ़ोन मस्तूल पर एक स्थायी एंटेना लगा दिया है ताकि वो ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक फ़ोन लाइनें पहुंचा सकें.

यह मॉडल एक दूसरे से बेहद मज़बूती से जुड़े तालेआ के समुदाय के लिए उपयुक्त है.

हालांकि स्लिम तालेआ के ग्राहकों के बगैर भी काम चला सकते हैं मगर उन्हें निश्चित ही अपनी कंपनी के इनकार का दुख होगा, जिसने तालेआ गांव को एंटेना देने से इनकार कर दिया था.

तालेआ धीरे-धीरे मेक्सिको के दूसरे दूरदराज़ के गांवों और केंद्रीय अमरीका के लिए उदाहरण बनता जा रहा है.

स्थानीय रेडियो प्रेज़ेंटर कायला रामिरेज़ हंसते हुए कहती हैं, "मेक्सिको में एक कहावत है- हर चीज़ मांगो मत. हमें संतुष्टि है कि हमें बार-बार उनसे नहीं मांगना पड़ता कि कृपया आएं और हमारे यहां यह सेवा शुरू कर दें जिसका हम पैसा देंगे. यह उपकरण पूरे समुदाय का है. हम अब बगैर किसी से कुछ मांगे स्वायत्तशासी, ख़ुद मुख़्तार हो सकते हैं."

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