सज़ायाफ़्ता चीनी पत्रकार ने अपराध स्वीकार किया

पत्रकार चेन योंगझऊ अपना अपराध स्वीकार करते हुए.
इमेज कैप्शन, पत्रकार चेन योंगझऊ अपना अपराध स्वीकार करते हुए.

चीन के एक सज़ायाफ़्ता पत्रकार ने सरकारी टीवी चैनल पर स्वीकार किया है कि उन्होंने ग़लत काम किया था. उनका अख़बार पहले पन्ने पर बार-बार उनकी रिहाई के लिए अपील कर रहा था.

पत्रकार चेन योंगझऊ ने कहा, “मैं अपना गुनाह क़बूल करने और पश्चाताप करने को तैयार हूं.”

उन्हें एक अर्ध सरकारी कंपनी के कथित भ्रष्टाचार को अपने अख़बार में ग़लत तरीक़े से उजागर करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

सरकारी मीडिया का कहना है कि पत्रकार ने स्वीकार किया है कि वो पैसे के लिए ग़लत ख़बरें लिखते थे.

चीन में हाल के दिनों में कई हाई प्रोफ़ाइल संदिग्धों ने सरकारी टीवी पर अपना गुनाह क़बूल किया है.

सार्वजनिक अपराध स्वीकार करना लंबे अरसे से चीन के अपराधिक क़ानून का हिस्सा रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अपराध स्वीकार दबाव डालकर करवाए जाते हैं जबकि आपराधिक न्याय प्रक्रिया में एक संशोधन के तहत इसी साल प्रावधान किया गया है कि अधिकारी दबाव डालकर किसी से अपराध स्वीकार नहीं करवाएंगे.

'पैसे और नाम का लालच'

चेन योंगझऊ ने ग्वांगडोंड स्थित न्यू एक्सप्रेस अख़बार में निर्माण संबंधी उपकरण बनाने वाली कंपनी ‘ज़ूमलियन’ में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई लेख लिखे थे.

उन्होंने सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी पर कहा, “इस मामले में मैंने ज़ूमलियन कंपनी और ख़बरिया उद्योग को क्षति पहुंचाई है और जनता का समाचार माध्यमों पर जो भरोसा होता है उसे भी नुक़सान पहुंचाया है.”

"मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मुझे पैसे और नाम का लालच था. अब मुझे अपनी ग़लतियों का अहसास हो गया है."

चेन की रिहाई के लिए अखबार में छपी अपील का स्क्रीनशॉट
इमेज कैप्शन, चेन की रिहाई के लिए अखबार में छपी अपील का स्क्रीनशॉट

सरकारी मीडिया का कहना है कि चेन ने रिश्वत लेने की बात स्वीकार की है, लेकिन ये जानकारी नहीं दी गई है कि चेन को रिश्वत किसने दी.

चेन के मामले ने लोगों का ध्यान तब आकर्षित किया जब ‘न्यू एक्सप्रेस’ ने अपने पहले पन्ने पर उनकी रिहाई की अपील छापी.

हालांकि अख़बार ने उनके इस अपराध स्वीकार पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

सेंसरशिप विवाद

मीडिया मॉनिटरिंग ग्रुप चाइना डिजिटल टाइम्स ने ख़बर दी थी कि कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग ने अख़बारों को इस ख़बर को प्रकाशित करने से रोक दिया था.

विभाग की तरफ से अख़बारों को चेतावनी दी गई थी कि वो संवाददाताओँ के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी नज़र रखें.

लेकिन कई अख़बारों ने इस ख़बर को रिपोर्ट करना जारी रखा.

द सदर्न मेट्रोपोलिस डेली ने अपने संपादकीय में ज़ूमलियन के अधिकारियों पर इस मामले में शक्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया था.

चीन का अख़बार उद्योग स्थानीय सेंसरशिप की व्यवस्था पर काम करता है जो पार्टी के दिशानिर्देशों से चालित होता है.

लेकिन सेंसरशिप को लेकर कई विवाद हो चुके हैं.

इस साल की शुरुआत में ग्वांगजो स्थित सदर्न वीकली अख़बार के कर्मचारी नए साल के संपादकीय में सुधार की बात सेंसर किए जाने पर हड़ताल पर चले गए थे.

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