पेशाब में खून: 'कैंसर का खतरा'

अगर आपको पेशाब में खून दिखाई देता है, एक बार भी, तो ये कैंसर का लक्षण हो सकता है.
ब्रिटेन में गुर्दों के कैंसर के बारे में जागरुकता फैलाने वाले एक संगठन ने ये दावा किया है.
बीते दस साल में ब्रिटेन में गुर्दों के कैंसर के मामले पहले के मुकाबले एक तिहाई बढ़ गए हैं. वहीं गुर्दों के कैंसर की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या सात फ़ीसदी बढ़ी है.
साल 2011 में इंग्लैंड में गुर्दों के कैंसर की वजह से करीब 3,500 लोगों की मौत हुई थी.
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड नाम के इस संगठन का कहना है कि गुर्दों के कैंसर का जोखिम ख़राब जीवनशैली से जुड़ा है.
इस संगठन का कहना है कि सिगरेट पीने और मोटापे की वजह से गुर्दों के कैंसर का जोखिम बढ़ता है लेकिन बीमारी का जल्दी पता चलने से मौत की दर में गिरावट आ सकती है.
'कैंसर के लक्षण'
गुर्दों के कैंसर के बारे में शुरुआती चरण में पता चलने पर बचने की दर करीब 97% होती है, जबकि बाद में पता चलने पर ये दर करीब 32% होती है.
पेशाब में खून दिखाई देना मूत्राशय कैंसर के 80% से ज़्यादा मामलों में एक लक्षण होता है और गुर्दों के कैंसर में तो ज़्यादातर मामलों में ये लक्षण होता है.
हालांकि, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का कहना है कि जब कैंसर के मरीज़ों से कैंसर के संकेत और लक्षणों के बारे में पूछा गया तो सिर्फ़ एक तिहाई ने ही अज्ञात कारण से पेशाब में आने वाले खून के बारे में बताया.
पीएचई के स्वास्थ्य निदेशक प्रोफ़ेसर केविन फ़ेंटन कहते हैं, "हमारा संदेश साफ़ है - जैसे ही आपको पेशाब में खून दिखाई दे, डॉक्टर से सलाह लें."
परीक्षण
उन्होंने कहा, "संभव है कि कुछ गंभीर बात न हो लेकिन ये किसी ऐसी चीज़ का संकेत हो सकता है जिसके इलाज की ज़रूरत हो, इसलिए इन लक्षणों को हल्के में न लें."
इंग्लिश प्रीमियर लीग फ़ुटबॉल क्लब वेस्ट ब्रॉमविच एल्बियन भी पीएचई के इस अभियान का समर्थन कर रहा है.
इस अभियान के लिए क्लब अपने स्टेडियम में एक मूत्रालय का उपयोग कर रहा है.
यह मूत्रालय हीट सेंसिटिव हैं और इस्तेमाल करने पर संदेश देता है: "अगर आप को पेशाब में खून दिखाई दे, भले ही एक बार ही, अपने डॉक्टर को बताएं."
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