कैसे किनारे लगेगा टाइटैनिक से दोगुना जहाज?

पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त हुए इतालवी जहाज़ कोस्टा कॉनकोर्डिया को सीधा करने की तैयारी शुरू हो गई है.
इटली की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी का कहना है कि इस काम को शुरू करने के लिए समुद्री और मौसमी परिस्थितियां सही हैं.
इस काम को सोमवार से शुरू किया जाना है.
ये पहला मौका है जब इंजीनियर इतने बड़े जहाज़ को खींचकर किनारे लाने का प्रयास कर रहे हैं.
तीन मैदानों के बराबर
कोस्टा कॉनकोर्डिया पिछले साल जनवरी में टस्कन द्वीप में जिलियो तट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस दुर्घटना में 32 लोग मारे गए थे.
इस दुर्घटना के लिए पांच लोगों को गैर इरादतन हत्या का दोषी क़रार दिया जा चुका है जबकि जहाज़ के कप्तान फ्रांसिस्को शेटिनो पर मुकदमा चल रहा है.
उन पर ग़ैर इरादतन हत्या और डूबते जहाज़ को छोड़कर जाने का आरोप है.

टाइटैनिक से दोगुना भारी यह जहाज़ तब से समुद्र में ही तिरछी स्थिति में है.
<link type="page"><caption> कोस्टा कॉनकोर्डिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/01/120114_italy_ship_tb.shtml" platform="highweb"/></link> का वज़न 1,14,000 टन है और इसकी लंबाई फुटबॉल के तीन मैदानों के बराबर है.
इसे सीधा करने के काम में जुटे कर्मचारी लोहे की मोटी ज़ंजीरों और तारों को जहाज़ से बांध रहे हैं.
मौके पर मौजूद बीबीसी के एलन जॉनस्टन का कहना है कि इस अभियान की व्यापक तैयारी की गई है.
जहाज़ को सीधा करने के लिए 50 से अधिक ज़ंजीरों और चरखियों का इस्तेमाल किया जाएगा.
प्लेटफॉर्म
उम्मीद है कि स्थानीय समय के अनुसार सोमवार शाम तक यह जहाज़ समुद्र में बनाए गए स्टील और कंक्रीट के प्लेटफॉर्म पर खड़ा होगा.
हमारे संवाददाता के मुताबिक़ जहाज़ के पेंदे पर खड़े होने के बाद ही इसका पूरी तरह मुआयना करना संभव होगा.
इसके बाद इसकी मरम्मत की जाएगी और फिर किनारे लाकर इसे नष्ट कर दिया जाएगा.
इस अभियान के मुखिया निक स्लोएन ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि <link type="page"><caption> कोस्टा कॉनकोर्डिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/01/120124_italy_ship_dead_sy_rn.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए यह संभवतः आख़िरी मौक़ा है.
जहाज़ का तल धीरे-धीरे कमज़ोर हो रहा है और संभव है कि यह अगली सर्दी ना झेल पाए.
इंजीनियर जहाज़ को सीधा करने के लिए पारबकलिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रहे हैं.
इस प्रक्रिया में जहाज़ को तारों से बांधा जाता है और जहाज़़ के दोनों छोरों पर धातु के बड़े-बड़े बक्सों को जोड़कर उनमें पानी भरा जाता है.

इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाएगा ताकि जहाज़ के तल को और ज़्यादा नुकसान ना हो.
जहाज़ पिछले 18 महीनों में 15 मीटर समुद्र में डूब चुका है.
आशंका
पर्यावरणविदों ने आशंका जताई है कि अगर यह अभियान विफल रहता है तो जहरीले पदार्थों का रिसाव समुद्र में हो सकता है. लेकिन इसके लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है.
जिलियो के मेयर सर्गियो ओरटेली ने कहा कि इस जहाज़ को हटाए जाने से एक बहुत बड़ी समस्या दूर हो जाएगी.
जिलियो के लोगों के लिए यह एक विशेष क्षण होगा. इसके लिए रविवार को सामूहिक प्रार्थना के दौरान विशेष प्रार्थना की गई.
इस छोटे द्वीप की अर्थव्यवस्था पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर है और जहाज़ के मलबे की मौजूदगी से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं.
जहाज़ को हटाने के अभियान पर अभी तक 60 करोड़ यूरो खर्च किए जा चुके हैं और इसके पूरा होने तक अभी और खर्च होने की संभावना है.
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