42 साल बाद मिली चोरी की गई बाइबिल

ब्रिटेन में ईस्ट ससेक्स के एक चर्च से 42 साल पहले चोरी हुई 200 साल पुरानी बाइबिल वापस मिल गई है.
इस <link type="page"><caption> बाइबिल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120908_elvis_bible_pa.shtml" platform="highweb"/></link> को चुराने वाले व्यक्ति ने ही इसे वापस किया है.
हेस्टिंग्ज इलाके के होली ट्रिनिटी चर्च के खजांची साइमन स्कॉट का कहना है कि जर्मनी के एक व्यक्ति ने 1971 में यह बाइबिल ले ली थी.
वह अपनी पत्नी के साथ अंग्रेज़ी भाषा सीखने के लिए इस शहर में आए थे लेकिन वह पढ़ाने की शैली से संतुष्ट नहीं थे.
उन्होंने अपनी अंग्रेजी में सुधार और पढ़ने के इरादे से वह <link type="page"><caption> बाइबिल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/01/110101_bible_oil_mb.shtml" platform="highweb"/></link> ले ली थी लेकिन उन्हें ऐसा करने का वक्त नहीं मिला.
ग़लती का अहसास
स्कॉट का कहना है कि उन्हें बाइबिल चुराने वाले की ओर से एक अनाम पत्र मिला जिसमें लिखा था, "आपको यह पत्र पाकर यक़ीन नहीं होगा और निश्चित तौर पर आप इस बात पर भी भरोसा नहीं कर पाएंगे कि आपको जल्द ही <link type="page"><caption> चर्च</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/04/120418_church_abuse_rn.shtml" platform="highweb"/></link> से खोई हुई एक बाइबिल वापस मिलेगी."
बाद में चर्च को एक बड़े बक्से में भेजी गई वह बाइबिल मिली जिस पर चमड़े का कवर और पीतल की डिजाइनिंग है.
स्कॉट का कहना था कि उस शख्स ने अपने पत्र में लिखा था कि बाद में उन्हें अपनी इस ग़लती का अहसास हुआ.
हालांकि उनका यह भी कहना था कि <link type="page"><caption> चर्च</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/05/120507_church_rome_rn.shtml" platform="highweb"/></link> के परिसर में उन्हें यह अहसास भी हुआ कि चर्च में बाइबिल रखे हुए हैं और उसका कोई इस्तेमाल नहीं करता.
तब उन्होंने एक बाइबिल लेने और उसे घर ले जाकर पढ़ने का फ़ैसला किया ताकि वह अपनी अंग्रेज़ी में सुधार कर सकें.
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, "वास्तव में मुझे ऐसा करने का वक्त कभी नहीं मिला."
चोरी पर पत्नी नाराज़

उस चोर का कहना था कि उनकी पत्नी बाइबिल लेने की बात पर बेहद नाराज़ थीं.
पत्र में उन्होंने यह भी लिखा, "जब भी मैं बाइबिल को देखता था तो मुझे अपनी ग़लती का अहसास होता था. हालांकि मुझमें ख़ुद आकर इसे वापस करने का साहस नहीं था. अब मैं रिटायर हो गया हूं और मैंने अपनी गलतियों को सुधारने का फ़ैसला कर लिया है."
स्कॉट का कहना है कि उस व्यक्ति को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि यह बाइबिल क्यों महत्त्वपूर्ण थी.
उन्होंने कहा, "पुराने दौर में इस तरह के बाइबिल समृद्ध परिवारों के लिए मानक के तौर पर थे. वे भोजन के वक़्त इसे निकालते थे और बच्चों के लिए इसे पढ़ा करते थे. लेकिन अब हम ऐसी चीजें नहीं करते हैं, इसी वजह से चर्च में कई बाइबिल पड़े हुए दिखते हैं."
उन्होंने कहा, "हमें हमारी बाइबिल वापस मिल गई है."
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