मिस्र संकट के हल के लिए वार्ता जारी

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को सेना द्वारा अपदस्थ किए जाने के एक महीने बाद अमरीकी और यूरोपीय संघ मिस्र के राजनीतिक संकट का राजनयिक समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
अमरीकी उप विदेशमंत्री विलियम बर्न्स और यूरोपीय संघ के विशेष दूत बरनार्डिनो लिओन काहिरा में अंतरिम सरकार और विपक्षी मुस्लिम ब्रदरहुड से बात कर रहे हैं.
मिस्र की सरकार ने मुर्सी समर्थकों से अपील की है कि वह अपना विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त कर दें.
सरकार का कहना है कि वह मुस्लिम ब्रदरहुड को फिर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने देने को तैयार है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता, तारेक अल-माल ने कहा है कि संगठन एक ऐसा समाधान चाहता है जो लोगों की <link type="page"><caption> आकांक्षाओं के अनुरूप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130728_egypt_social_media_vr.shtml" platform="highweb"/></link> हो.
उम्मीद
अमरीकी और यूरोपीय संघ की राजनयिक समाधान की कोशिश ऐसे समय हो रही है जब राजधानी काहिरा में मुर्सी समर्थकों के दो बड़े धरने ख़त्म करवाने की सरकार की योजना के चलते तनाव है.
सेना द्वारा 3 जुलाई को राष्ट्रपति मुर्सी को पद से हटाए जाने के बाद हुए संघर्षों में 100 से ज़्यादा मुर्सी समर्थकों की <link type="page"><caption> मौत हो चुकी है</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130727_clash_in_egypt_rns.shtml" platform="highweb"/></link>.

अमरीका के उपविदेश मंत्री ने काहिरा में मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन और उसकी राजनीतिक पार्टी के सदस्यों से बातचीत की.
इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने मिस्र के <link type="page"><caption> विदेश मंत्री</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130728_egypt_clash_va.shtml" platform="highweb"/></link> नाबिल फाहमी से बात की. इस वार्ता में यूरोपीय संघ के विशेष दूत बरनार्डिनो लिओन भी शरीक हुए.
काहिरा में बीबीसी संवाददाता योलांडे नेल का कहना है कि हालांकि आधिकारिक रूप से थोड़ी ही जानकारी दी गई है लेकिन उम्मीद हिंसा और रक्तपात रोकने की ही है.
इस हफ़्ते मिस्र की अंतरिम सरकार ने पुलिस को उन दो बड़े धरना-स्थलों को खाली करवाने का आदेश दिया था जहां अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थक आंदोलन कर रहे हैं. इस पर अमरीका और यूरोपीय संघ ने चिंता जताई थी.
शनिवार को अंतरिम सरकार ने कहा कि वह मुस्लिम ब्रदरहुड की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी की इजाज़त दे देगी और मुर्सी समर्थकों से प्रदर्शन को शांतिपूर्वक ख़त्म करने का आह्वान किया.
राजधानी काहिरा के पूर्व में नाहदा चौक और रबा अल-अदवाया मस्जिद के बाहर हज़ारों लोग सरकार के <link type="page"><caption> आदेश के बावजूद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130727_morsi_egypt_va.shtml" platform="highweb"/></link> धरने पर बैठे हैं.
कई हफ़्तों से धरनारत ये लोग मुर्सी की राष्ट्रपति पद पर बहाली की मांग कर रहे हैं.
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