सोशल मीडिया के अखाड़े में मिस्र का संघर्ष

मिस्र का राजनीतिक संघर्ष

फ़ेसबुक पर उपलब्ध कई फ़र्ज़ी तस्वीरों को देखकर लगता है मानो मिस्र के राजनीतिक संघर्ष का एक मोर्चा सोशल मीडिया पर भी खुला हुआ है.

बीबीसी की दीना अबूगज़ाला लिखती हैं कि फ़ेसबुक के कई पन्ने हकीकत को फ़साने से दूर करने के इरादे से बनाए गए हैं.

मिस्र में बीते हफ़्ते अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव हिंसा में बदल गया था, लेकिन सोशल मीडिया लंबे समय से जंग का मैदान बना हुआ है.

<link type="page"><caption> 100 से ज्यादा मौतें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130727_clash_in_egypt_rns.shtml" platform="highweb"/></link>

फ़ेसबुक पर अफ़वाहें, फ़र्ज़ी तस्वीरें और ग़लत पहचान वाले एकाउंट्स की मानो बाढ़ सी आ गई है और इंटरनेट पर दोनों ही पक्ष अपने विरोधियों की छवि खराब करने के लिए मोर्चा खोले हुए हैं.

मिस्र, सोशल मीडिया
इमेज कैप्शन, इंटरनेट पर मुर्सी समर्थक और विरोधी दोनों विरोधियों की छवि खराब करने के लिए मोर्चा खोले हुए हैं.

ये चीज़ें राष्ट्रपति मुर्सी को तीन जुलाई को अपदस्थ किए जाने के बाद से बढ़ गई हैं. अपदस्थ राष्ट्रपति के समर्थकों ने दावा किया है कि सारे घटनाक्रम के पीछे कॉप्टिक चर्च और धर्मनिरपेक्ष लोगों की साजिश है.

<link type="page"><caption> मुर्सी की हिरासत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130726_egypt_morsi_ap.shtml" platform="highweb"/></link>

अपने दावे को साबित करने के लिए मुर्सी समर्थकों ने एक तस्वीर का सहारा लिया, जिसमें ईसाई समुदाय के लोगों का एक समूह हाथ में क्रॉस लिए मुस्लिम राष्ट्रपति के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था. बाद में पता चला कि यह तस्वीर साल 2012 की थी.

भ्रामक सूचनाएं

इस बीच मुर्सी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर <link type="page"><caption> मृत बच्चों</caption><url href="http://english.alarabiya.net/en/News/middle-east/2013/07/08/Brotherhood-posts-old-photos-of-Syrian-children-as-victims-of-Egypt-s-army.html" platform="highweb"/></link> की तस्वीरें जारी करके दावा किया कि ये सेना के द्वारा की गई हत्याओं का साक्ष्य है. इनके बारे में सेना का कहना है कि ये सीरिया के संघर्ष की तस्वीरें हैं.

फे़सबुक पर ऐसी भ्रामक सूचनाओं की बाढ़ का नतीजा यह है कि सोशल मीडिया के इस मंच पर मौजूद चीज़ों ख़ासकर इसके पन्नों (पेज) की अब पुष्टि की जाने लगी है.

<link type="page"><caption> सरकार के सामने प्रदर्शनकारी </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130727_morsi_egypt_va.shtml" platform="highweb"/></link>

मिस्र, सोशल मीडिया
इमेज कैप्शन, सड़कों के मुक़ाबले सोशल मीडिया लंबे समय से मिस्र में जंग का मैदान बना हुआ है.

इनमें से <link type="page"><caption> 'दा बेगाद'</caption><url href="https://www.facebook.com/DaBegad" platform="highweb"/></link> या 'क्या यह वास्तविक है' का भी एक विकल्प है. इस के जरिए फ़ेसबुक पर की जाने वाली पोस्ट, तस्वीरें और वीडियो की पुष्टि करने की कोशिश की जाती है.

हालांकि भ्रामक स्थिति के बावजूद मिस्र में सोशल मीडिया जानकारी हासिल करने का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है. कई सरकारी महकमे और आम लोग अपनी बात कहने के लिए सबसे पहले विकल्प के बतौर सोशल मीडिया के मंच का ही इस्तेमाल कर रहे हैं.

माना जाता है कि मिस्र में फ़ेसबुक इस्तेमाल करने वालों की तादाद एक करोड़ से भी ज़्यादा है.

<bold><italic>(<link type="page"><caption> बीबीसी मॉनिटरिंग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/news/world-18190302" platform="highweb"/></link> दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की खबरें <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/bbcmonitoring" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/BBCMonitoring" platform="highweb"/></link> पर भी पढ़ सकते हैं.)</italic></bold>

<bold><italic>(बीबीसी हिन्दी के <link type="page"><caption> एंड्रॉएड ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</italic></bold>