पाकिस्तान: रिश्तों में गर्माहट ला पाएँगे केरी?

जॉन केरी
इमेज कैप्शन, विदेश मंत्री की हैसियत से केरी की पहली पाकिस्तान यात्रा

अमरीकी विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार पाकिस्तान का दौरा करने वाले जॉन केरी अमरीका और पाकिस्तान के बीच सामरिक संबंधों को और बेहतर बनाने के साथ ही दूसरे क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे.

सुरक्षा कारणों से केरी की <link type="page"><caption> पाकिस्तान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/pakistan/2011/05/110515_johnkerry_pak_pa.shtml" platform="highweb"/></link> यात्रा के बारे में सार्वजनिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी जा रही है.

उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच अर्थव्यवस्था और 'आतंकवाद' पर लगाम लगाने के संबंध में बातचीत होगी.

संवाददाताओं के अनुसार जॉन केरी अमरीकी ड्रोन हमलों के कारण दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई खटास को भी दूर करने की कोशिश करेंगे.

साल 2004 से लेकर 2013 के बीच इन हमलों में 3,460 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं.

केरी गुरुवार को प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और जल्द ही अपना कार्यकाल पूरा करने वाले राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात करेंगे.

अहम मुद्दे

नवाज शरीफ़
इमेज कैप्शन, नए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता किम घटास के अनुसार अर्थव्यवस्था, ऊर्जा की कमी और चरमपंथ- पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के सामने सबसे जटिल मुद्दे हैं और उम्मीद है कि दोनों की मुलाक़ात के दौरान यही मुद्दे छाए रहेंगे.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार जॉन केरी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को समझाने की कोशिश करेंगे कि अर्थव्यवस्था की सुधार की कोशिशों में चरमपंथ सबसे बड़ी रुकावट है और अमरीका के लिए भी ये चिंता का विषय है जिसकी सेना पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद है.

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों में जारी अमरीकी ड्रोन हमले भी दोनों देशों के बीच एक बहुत बड़ा विवाद का विषय है.

पाकिस्तानी सरकार और सेना के कुछ लोगों पर इस तरह के आरोप लगते रहे हैं कि वे ड्रोन हमलों की सार्वजनिक तौर पर तो आलोचना करते हैं लेकिन गुप्त रूप से इसमें सहयोग करते हैं.

गर्माहट?

ड्रोन
इमेज कैप्शन, अमरीकी ड्रोन हमले दोनों देशों के बीच तनाव का विषय है.

जानकारों के अनुसार जॉन केरी अपनी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों पर नए सिरे से ध्यान देने की कोशिश करेंगे.

इससे पहले 2011 में अल-क़ायदा प्रमुख <link type="page"><caption> ओसामा बिन लादेन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/05/110426_laden_whitehouse_rf.shtml" platform="highweb"/></link> के मारे जाने के बाद अमरीकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान का दौरा किया था.

पाकिस्तान के शहर एबटाबाद में अमरीकी विशेष सैन्य दल के एक अभियान में ओसामा बिन लादेन की मौत हुई थी.

उस समय दोनों देशों के बीच रिश्ते टूटने के कगार पर आ गए थे.

अब भी दोनों देशों के बीच रिश्ते बहुत अच्छे नहीं हैं लेकिन पहले की तुलना में दोनों देशों के बीच तनाव में कमी आई है. उसकी एक वजह ये हो सकती है कि पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति में कुछ स्थायित्व आया है.

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