स्नोडेन के लिए मृत्युदंड नहीं मांगेंगे:अमरीका

रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई और रूसी सुरक्षा एजेंसी एफ़एसबी एडवर्ड स्नोडेन को लेकर “बातचीत” कर रही हैं.
हालाँकि दिमित्री पेस्कोव ने रूस के रुख़ को फिर स्पष्ट करते हुए कहा, ‘रूस स्नोडेन को किसी को सौंपने नहीं जा रहा है.’
<link type="page"><caption> एडवर्ड स्नोडेन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130719_snowden_pkp.shtml" platform="highweb"/></link> पिछले महीने से ही वैध कागज़ात के अभाव में रूस के मॉस्को हवाईअड्डे के ट्रांज़िट एरिया में फंसे हुए हैं.
अमरीका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने रूसी अधिकारियों को यह यक़ीन दिलाने की कोशिश की है कि स्नोडेन को अमरीका में मृत्युदंड नहीं दिया जाएगा.
होल्डर ने रूसी न्याय मंत्री अलेक्जेंडर कोनोवालोव को एक पत्र लिखकर कहा कि स्नोडेन पर लगे आरोपों के लिए उन्हें मृत्युदंड नहीं दिया जाएगा.
होल्डर ने कहा कि यदि स्नोडेन पर ऐसे अतिरिक्त आरोप लगाए जाते हैं जिनमें मौत की सज़ा हो सकती है, तो अमरीका उनके लिए मृत्युदंड की मांग नहीं करेगा.
प्रत्यर्पण
अमरीका खुफिया जानकारियों को ज़ाहिर करने के मामले में रूस से स्नोडेन का प्रत्यर्पण चाहता है.
पेस्कोव ने यह साफ़ नहीं किया अमरीका और रूस की एजेंसियों के बीच किस तरह की बातचीत हुई.

पेस्कोव ने यह भी याद दिलाया कि रूसी राष्ट्रपति <link type="page"><caption> व्लादिमीर पुतिन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130717_snowden_asylum_update_dil.shtml" platform="highweb"/></link> ने ज़ोरदार शब्दों में कहा है कि वो इस मामले को अमरीका और रूस के संबंधों के बीच बाधा नहीं बनने देंगे.
पेस्कोव ने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने स्नोडेन के बारे में अमरीकी अधिकारियों से किसी तरह की कोई बात नहीं की है.
पेस्कोव ने यह भी कहा, “स्नोडेन ने ऐसी कोई अर्ज़ी नहीं दी है जिस पर रूसी राष्ट्रपति को विचार करना हो.”
रूसी राष्ट्पति ने स्नोडेन को अमरीका को सौंपने से मना कर दिया था लेकिन उन्होंने कहा कि स्नोडेन रूस में तभी रुक सकते हैं जब वो अमरीका के खिलाफ सूचनाएं सार्वजनिक करना बंद कर दें.
अमरीका ने एडवर्ड स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया है. इस कारण 23 जून को हांगकांग से मॉस्को पहुंचे स्नोडेन हवाईअड्डे के ट्रांजिट एरिया में फंसे हुए हैं.
पिता का बयान
स्नोडेन के पिता लॉन स्नोडेन ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके बेटे को रूस में ही रुके रहना चाहिए. ओबामा प्रशासन और कांग्रेस के सदस्यों ने उसे बदनाम किया है.

गुरुवार को एसोसिएटेड प्रेस को फोन पर दिए गए एक साक्षात्कार में लॉन स्नोडेन ने कहा, “अगर उसकी जगह मैं होता तो मैं डेनियल एल्सबर्ग (पेंटागन पेपर्स को सार्वजनिक करने वाले) जैसे समझदार लोगों की बात सुनता...मैंने अपने लिए एक सुरक्षित आरामगाह पाने की कोशिश की होती.”
गुरुवार को स्नोडेन के वकील एलातोली कुचरेना ने उन ख़बरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि रूस ने स्नोडेन को यातायात के दस्तावेज़ उपलब्ध कराए हैं.
बुधवार को अमरीकी संसद में इस <link type="page"><caption> निगरानी कार्यक्रम</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130725_us_phone_record_dil.shtml" platform="highweb"/></link> को आर्थिक मदद बंद करने की मांग 205 के मुकाबले 217 मतों से ख़ारिज हो गई थी.
अमरीकी सरकार ने लोगों के फोन की निगरानी का समर्थन किया था.
अंतिम मंजिल
सीआईए के पूर्व कर्मचारी स्नोडेन ने यह सूचना सार्वजनिक कर दी थी कि अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) अमरीकी नागरिकों के फोन कॉल्स का रिकॉर्ड इकट्ठा कर रही है.
स्नोडेन के मामले से पूरे विश्व में कूटनीतिक हलचल मची हुई है. बोलिविया, वेनुजुएला और निकारगुआ ने स्नोडोन को शरण देने का प्रस्ताव दिया है.
स्नोडेन ने रूस से अस्थायी शरण मांगी है. उन्होंने कहा है कि लातिन अमरीका ही उनका अंतिम गंतव्य स्थल है.
<bold>(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












