स्नोडेन ने रूस में शरण की अर्ज़ी दी

अमरीका के इंटरनेट निगरानी कार्यक्रम की जानकारी लीक करने के आरोपों का सामना कर रहे एडवर्ड स्नोडेन ने रूस में अस्थाई रूप से शरण की अर्ज़ी दी है.
अधिकारियों के अनुसार उन्होंने इससे जुड़ी काग़ज़ी कार्रवाई शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे पर ही पूरी की. पिछले तीन हफ़्तों से स्नोडेन वहीं रुके हुए हैं.
अमरीका में सरकारी निगरानी कार्यक्रम की जानकारी लीक करने के मामले में स्नोडेन को अमरीका वापस ले जाना चाहता है.
उनके पास यात्रा के लिए कोई दस्तावेज़ नहीं हैं इसलिए वह कई दक्षिण अमरीकी देशों की ओर से मिले राजनीतिक शरण के प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.
स्नोडेन की काग़ज़ी कार्रवाई पूरी करने में एक वकील अनातोली कुचेरेना ने मदद की है. वह रूसी सरकार के नज़दीक़ी बताए जाते हैं.
कुचेरेना ने कहा, "वह इस फ़ैसले पर पहुँचे कि अस्थाई शरण के लिए उन्हें एक आवेदन पत्र लिखना होगा और अभी ये प्रक्रिया पूरी की गई है."
उनका कहना था, "फ़िलहाल वह कहीं नहीं जा रहे हैं. अभी तो वह रूस में ही रुकना चाहते हैं. "
कुचेरेना ने बताया कि स्नोडेन ने अपनी अर्ज़ी में बताया है कि अगर उन्हें वापस अमरीका भेजा गया तो वहाँ उन्हें प्रताड़ित किया जा सकता है और सज़ा भी हो सकती है.
'शर्त मानूँगा'

उनके वकील के अनुसार अगर स्नोडेन की याचिका स्वीकार हो जाती है तो वह रूस में काम करने और घूमने-फिरने के लिए स्वतंत्र होंगे.
रूस की इंटरफ़ैक्स समाचार एजेंसी ने कुचेरेना के हवाले से बताया है कि उन्होंने स्नोडेन से ये पूछा कि अगर उन्हें हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति मिल जाती है तो क्या वह अमरीकी हितों को नुक़सान नहीं पहुँचाने का राष्ट्रपति पुतिन का आग्रह स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.
समाचार एजेंसी के अनुसार इस पर कुचेरेना ने कहा, "उनका जवाब था, मैं ये शर्त मानूँगा."
रूसी राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने इंटरफ़ैक्स को बताया है कि पुतिन ने शरण की अर्ज़ी पर अभी कोई फ़ैसला नहीं किया है.
इससे पहले पुतिन ने कहा था कि अमरीका ने को एक तरह से रूस में घेरकर फँसा दिया है.
पुतिन ने वैसे तो स्नोडेन को अमरीकी अधिकारियों को सौंपने से इनकार किया है मगर साथ ही ये भी कहा है कि अगर स्नोडेन अमरीकी निगरानी कार्यक्रम के बारे में जानकारी लीक करना रोक दें तभी वह रूस में रह सकते हैं.
हॉन्गकॉन्ग से 23 जून को आने के बाद से स्नोडेन शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांज़िट क्षेत्र में स्थित कैप्सूल होटल में फँसे हुए हैं.
राजनीतिक शरण

स्नोडेन ने कम से कम 21 देशों से राजनीतिक शरण की माँग की थी जिनमें से अधिकतर ने उनकी ये माँग ठुकरा दी. मगर बोलीविया, निकारागुआ और वेनेज़ुएला ने ये संकेत दिए हैं कि वे स्नोडेन को शरण दे सकते हैं.
शुक्रवार को स्नोडेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह रूस से अस्थाई शरण माँग रहे हैं और इसके बाद वह दक्षिण अमरीका चले जाएँगे. मगर रूसी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है.
अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं.
स्नोडेन ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनएसए के एक गोपनीय अभियान 'प्रिज़्म' के तहत बड़ी तादाद में फ़ोन कॉल्स और इंटरनेट से जुड़ी जानकारियाँ इकट्ठी की गई हैं.
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