स्नोडेन को लेकर राजनयिक तनाव हुआ और गर्म

चार लातिनी अमरीकी मुल्कों ने कहा है कि वो फ्रांस, इटली, स्पेन और पुर्तगाल से अपने राजदूतों को वापस बुलाने जा रहे हैं.
ब्राज़ील, अर्जेंटिना, वेनेज़ुएला और उरूगये ने ये क़दम बोलीवियाई राष्ट्रपति के हवाई जहाज़ को फ्रांस और पुर्तगाल के एयरस्पेस में न घुसने दिए जाने के विरोध में उठाया है.
इस मामले पर चारों देशों ने उरूगये की राजधानी मॉनटेविडो में एक बैठक की.
उनका कहना था कि बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस के हवाई ज़हाज़ को यात्रा के लिए रास्ता ने देने की घटना अंतरराष्ट्रीय क़ानून को विरूद्ध था.
'शत्रुतापूर्ण और पक्षपाती'
उन्होंने इस घटना को शत्रुतापूर्ण और पक्षपाती बताया.
बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस रूस की यात्रा से वापस जा रहे थे.
यूरोपीय देशों को इस बात का संदेह था कि सीआईए के पूर्व अधिकारी एडवर्ड स्नोडेन बोलीवियाई राष्ट्रपति के हवाई जहाज़ में हैं. फ्रांस और पुर्तगाल ने उनके विमान को अपने हवाई क्षेत्र में नहीं घुसने दिया.
आखिरकार विमान का रास्ता बदलकर उसे ऑस्ट्रिया के रास्ते वापस बोलिविया जाना पड़ा.
इस बीच स्नोडेन ने रूस के मॉस्को हवाई अड्डे पर मानवधिकार कार्यकर्ताओं से भेंट की. स्नोडेन ने बताया कि वो रूस में राजनीतिक शरण चाहते हैं.
उनके मुताबिक़ वो वहां तबतक वहां बने रहना चाहते हैं जबतक लातिनी अमरीकी देशों में उनके सफ़र का रास्ता खुले.
अमरीका ने रूस से स्नोडेन की मौजूदगी पर विरोध जताया है.












