स्नोडेन के लिए सौदेबाजी नहीं करेंगे ओबामा

अमरीका
इमेज कैप्शन, बराक ओबामा ने कहा है कि वे एडवर्ड स्नोडेन को अमरीका वापस लाने के लिए किसी तरह की सौदेबाजी नहीं करेंगे.

बराक ओबामा ने कहा है कि वे एडवर्ड स्नोडेन को अमरीका वापस लाने के लिए किसी तरह की सौदेबाजी नहीं करेंगे. अमरीका के इंटरनेट निगरानी कार्यक्रम की जानकारी लीक करने के मामले में स्नोडेन की तलाश हो रही है. वो फिलहाल फरार हैं.

पश्चिम अफ्रीकी देश सेनेगल के दौरे पर गए ओबामा ने कहा कि इस मामले से निपटने के लिए वे उचित कानूनी तरीकों का सहारा लेंगे.

उन्होंने आगे कहा, “मैं एक <link type="page"><caption> 29 साल के हैकर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130625_snowden_whereabout_dp.shtml" platform="highweb"/></link> को पकड़ने के लिए जेट विमानों की खाक नहीं छानूंगा.”

खबरों के अनुसार जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे स्नोडेन पिछले सप्ताह <link type="page"><caption> मॉस्को रवाना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130625_snowden_moscow_aa.shtml" platform="highweb"/></link> हो गए. उन्होंने इक्वाडोर से शरण मांगी है.

बराक ओबामा ने बताया कि उन्होंने चीन और रूस के राष्ट्रपति से इस मामले में संपर्क नहीं किया है. उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसकी कोई जरूरत है.”

नुकसान

बराक ओबामा ने सेनेगल में एक न्यूज कांफ्रेंस में कहा, “मैं किसी एक मामले में सारी ऊर्जा नहीं झोंक सकता. हमने <link type="page"><caption> अभियुक्त के प्रत्यर्पण</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130625_passport_travel_ia.shtml" platform="highweb"/></link> की कोशिश की. मगर आज स्थिति यह है कि इस मामले को निपटाने के लिए मुझ दूसरे जरूरी मसलों से निगाह हटानी पड़ेगी. मैं ऐसा नहीं कर सकता.”

उन्होंने आगे कहा, “अब सभी जान गए हैं कि रूस और दूसरे कई देशों ने स्नोडेन को शरण देने की बात की है. मुझे उम्मीद है कि ये देश इस बात को महसूस करें कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का हिस्सा हैं. इसलिए उन्हें इसके नियमों का भी पालन करना चाहिए.”

स्नोडेन की मदद करने के मामले में चीन और रूस के साथ अमरीका का तनाव गंभीर रुप अख्तियार कर चुका है. हालांकि दोनों देशों ने इस बात से इनकार किया है कि वे स्नोडेन की किसी भी तरीके से मदद कर रहे हैं.

ओबामा ने माना कि इस मामले के सामने आने से राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ‘<link type="page"><caption> अमरीकी इलेक्ट्रॉनिक खुफिया संगठन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130624_john_kerrey_india_rd.shtml" platform="highweb"/></link>’ की कमजोरियां सबके सामने आ गई हैं. एडवर्ड स्नोडेन बतौर कांट्रैक्टर पिछले महीने तक यहीं काम करते थे.

इक्वाडोर का साथ

अमरीका
इमेज कैप्शन, स्नोडेन मॉस्को हवाई अड्डे के प्री-इमिग्रेशन एरिया में है

<link type="page"><caption> इक्वाडोर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130624_edward_snowden_asylum_ra.shtml" platform="highweb"/></link> ने कहा है कि उसने शरण देने के स्नोडेन के अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं कि क्योंकि वे उनकी राजनयिक सीमा में घुसे ही नहीं.

इक्वाडोर अमरीका के साथ किए जाने वाले 230 लाख डॉलर के कारोबारी सौदे से भी पीछे हट गया है.

सरकार के प्रवक्ता फर्नांडो अलवाराडो ने कहा, “इक्वाडोर किसी की धमकी या दबाव बर्दाश्त नहीं करेगा. किसी भी कारोबारी हित के सामने हम अपने मूल्यों को नहीं छोड़ेंगे.”

अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं.

स्नोडेन ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनएसए के एक गोपनीय अभियान ‘प्रिज़्म’ के तहत बड़ी तादाद में फ़ोन कॉल्स और इंटरनेट से जुड़ी जानकारियां इकट्ठी की गई हैं.

सीनेट खुफिया समिति की अध्यक्ष डियाने फेंस्टीन ने कहा है कि हमें इस बात की आशंका है कि स्नोडेन अपने साथ 200 से भी ज्यादा संवेदनशील कागजात ले गए हैं.

पाखंड

स्नोडेन एक ख़ुफ़िया विश्लेषक हैं और इस साल 20 मई को अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) द्वारा फ़ोन कॉल्स के रिकॉर्ड और इंटरनेट डेटा की निगरानी किए जाने की बात सार्वजनिक करने करने के बाद वे <link type="page"><caption> हॉन्गकॉन्ग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130623_edward_snowden_ap.shtml" platform="highweb"/></link> चले गए थे.

<link type="page"><caption> स्नोडेन मॉस्को</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130623_snowden_russia_rns.shtml" platform="highweb"/></link> हवाई अड्डे के प्री-इमिग्रेशन एरिया में है और इस तरह वो तकनीकी रूप से रूसी सरज़मीन पर नहीं हैं.

गुरुवार को बीजिंग साइबर सुरक्षा के मामले में अमरीका पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है.

चीन के रक्षा मंत्री ने कहा है कि प्रिज्म कार्यक्रम ने अमरीका के पाखंड और असली चेहरे को बेनकाब कर दिया है.

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