भारत ने राजनीतिक शरण की स्नोडेन की मांग ठुकराई

एडवर्ड स्नोडेन
इमेज कैप्शन, एडवर्ड स्नोडेन फिलहाल रूस की राजधानी मॉस्को में हैं

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमरीकी ख़ुफिया सूचनाएं लीक करने का आरोप झेल रहे एडवर्ड स्नोडेन की राजनीतिक शरण की मांग नहीं मानी जा सकती.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्विटर पर लिखा है, "स्नोडेन की मांग के सावधानीपूर्वक अध्ययन के बाद यह फ़ैसला किया गया है कि उनकी मांग मानने की कोई वजह नहीं है."

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास को 30 जून की लिखी स्नोडेन की चिट्ठी मिली थी, जिसमें उन्होंने भारत से राजनीतिक शरण मांगी थी.

<link type="page"><caption> विकीलीक्स</caption><url href="http://wikileaks.org/Edward-Snowden-submits-asylum.html" platform="highweb"/></link> पर जारी एक बयान के मुताबिक स्नोडेन ने भारत के अलावा 20 अन्य देशों में राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया था.

स्नोडेन मामले में विकीलीक्स की क़ानूनी सलाहकार सारा हैरीसन ने 30 जून को स्नोडेन की तरफ से ये आवेदन किए थे.

सीआईए के पूर्व कर्मचारी स्नोडेन ने भारत के अलावा चीन, रूस, ऑस्ट्रिया, बोलीविया, ब्राजील, चीन, क्यूबा, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, आयरलैंड, हॉलैंड, निकारागुआ, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्विटजरलैंड और वेनेजुएला में राजनीतिक शरण मांगी है.

वो इससे पहले इक्वाडोर और आइसलैंड में राजनीतिक शरण के लिए आवेदन कर चुके हैं.

ओबामा पर आरोप

पुतिन
इमेज कैप्शन, पुतिन शर्तों पर स्नोडेन को रूस में रहने देना चाहते हैं

इस बीच स्नोडेन ने राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें विदेश में राजनीतिक शरण लेने के अधिकार से वंचित कर रहे हैं.

उनके इस बयान को <link type="page"><caption> विकीलीक्स</caption><url href="http://wikileaks.org/Statement-from-Edward-Snowden-in.html?snow" platform="highweb"/></link> ने जारी किया है. 23 जून को <itemMeta>hindi/international/2013/06/130623_snowden_russia_rns</itemMeta> पहुंचने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक बयान है.

<link type="page"><caption> विकीलीक्स का मूल बयान पढ़ने के लिए क्लिक करें</caption><url href="http://wikileaks.org/Statement-from-Edward-Snowden-in.html?snow" platform="highweb"/></link>

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ओबामा ने उपराष्ट्रपति को निर्देश दिए हैं कि वो उन देशों पर दबाव बनाएं जहां मैंने राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया है.”

स्नोडेन ने कहा, “एक वैश्विक नेता को इस तरह की हरकत शोभा नहीं देती है. ये राजनीतिक दादागिरी के पुराने और घटिया हथकंडे हैं. उनका मकसद मुझे डराना नहीं है बल्कि मेरा साथ देने वालों को आगाह करना है.”

माना जाता है कि 30 साल के पूर्व सीआईए अधिकारी स्नोडेन मॉस्को हवाई अड्डे के एक होटल में रुके हुए हैं.

इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि स्नोडेन वहां रह सकते हैं, बशर्ते वो उनके 'अमरीकी सहयोगियों को नुकसान ना पहुंचाएं.'

ठिकाना

मॉस्को स्थित बीबीसी संवाददाता स्टीव रोजेनबर्ग ने कहा, “स्नोडेन का अगला ठिकाना वेनेजुएला हो सकता है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति गैस निर्यातक देशों के एक सम्मेलन के सिलसिले में फिलहाल मॉस्को में हैं. उनका मंगलवार को पुतिन से मिलने का कार्यक्रम है. ये निश्चित है कि इस बैठक में स्नोडेन का मुद्दा जरूर उठेगा.”

अमरीका ने इस मामले में ताज़ा हालात पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि तंजानिया के दौरे पर गए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वॉशिंगटन और मॉस्को में स्नोडेन के मामले में 'उच्च स्तरीय' बातचीत हुई है.

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