चीन भूकंपः गांसू में राहत और बचाव का काम शुरू

चीन
इमेज कैप्शन, भूकंप के बाद प्रभावित इलाके में हजारों की संख्या में बचाव दल के कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया है.

चीन में आए दो शक्तिशाली भूकंपों में जान-माल के भारी नुक़सान के बाद वहाँ राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया है. इस भूकंप में करीब 89 लोग मारे गए हैं.

सरकारी मीडिया के मुताबिक चीन के उत्तर पश्चिम प्रांत गांसू में सोमवार की सुबह आए <link type="page"><caption> भूकंप में</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/12/121206_international_japan_earthquake_tsunami_ns.shtml" platform="highweb"/></link> भयानक तबाही हुई है. सबसे ज़्यादा नुकसान डिंग्सी शहर में हुआ. वहां करीब 800 लोग भूकंप में घायल हुए हैं.

बचाव का काम

रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप से <link type="page"><caption> प्रभावित इलाके</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/04/130409_iran_earthquake_gallery_va.shtml" platform="highweb"/></link> में दो हेलिकॉप्टर और करीब 3000 सैनिक, पुलिस और बचाव कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद के लिए लगाया गया है.

5.98 की तीव्रता वाले भूकंप में हज़ारों इमारतें या तो ढह गई हैं, या उन्हें काफ़ी नुकसान पहुंचा है.

डिंग्सी नगरपालिका ने अपने माइक्रोब्लॉग अकाउंट पर सूचना जारी की है कि डिंग्सी में 9,000 से ज़्यादा घर ढह गए हैं.

भूकंप से हुए <link type="page"><caption> भूस्खलन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130621_uttarakhand_flood_casualty_vr.shtml" platform="highweb"/></link> और मिट्टी के धंसने से काफ़ी लोगों के मलबों में दबे होने की आशंका है. राहत और बचाव दल के कार्यकर्ता मलबों को हटाकर उन्हें तलाश रहे हैं.

इस इलाके में ज़्यादातर पीले रंग के रेतीले गाद से बनी मिट्टी पाई जाती है. सरकारी एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार ऐसी मिट्टी के कारण ही भूस्खलन में कम लोगों के जीवित बचने की उम्मीद है.

भूकंप के 422 झटके

भूकंप
इमेज कैप्शन, गांसू के डिंग्सी में आए भयानक भूकंप में बच निकला एक व्यक्ति

शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक सुबह 6 बजे इस इलाके में भूकंप के करीब 422 झटके महसूस किए गए. इसी में से एक झटके की तीव्रता 5 से ज़्यादा रही.

डिंग्सी की एक छात्र, ली झिंगुई ने भूकंप के दौरान के अपने अनुभवों को एपी समाचार एजेंसी से साझा किया. ली ने बताया, “अचानक छत से लटक रहा बल्ब जोर-जोर से झूलने लगा. मैंने जल्दी से अपने दोनों दोस्तों को जगाया. हम सब बाथरूम में छिपने के लिए भागे.”

उन्होंने बताया, “जब भूकंप के झटके आने बंद हुए, हमें और झटकों के आने का अंदेशा सताने लगा. इसलिए हमने अपना बोरिया बिस्तर बांधा और बाहर खुले में भागे.”

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