चीन: बूढ़े मां-बाप की अनदेखी पर हो सकती जेल

चीन में बुज़ुर्ग
इमेज कैप्शन, इस कानून की इंटरनेट पर ख़ूब आलोचना हो रही है.

चीन में सोमवार से अस्तित्व में आए एक क़ानून के अनुसार बुज़ुर्ग माता-पिता से मिलने ना जाने वाले वयस्क बच्चों को जुर्माने और जेल का सामना करना पड़ सकता है.

ये कानून बुढ़ापे में अकेलापन झेल रहे लोगों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर बनाया गया है.

कानून कहता है कि वयस्क बच्चों को अपने माता-पिता की आध्यात्मिक ज़रूरतों का ख़्याल रखना चाहिए और उन्हें कभी भी डांटना नहीं चाहिए.

गौरतलब है कि चीन में पहले ही एक ऐसी कानून है जिसके तहत मां-बाप अपनी कर सकते हैं. मगर इंटरनेट पर सरकार के इस नए कानून की ख़ूब आलोचना हो रही है.

कई लोग ये सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे कानून को लागू कैसे किया जाएगा क्योंकि इसमें बच्चे कितनी बार और कितने अंतराल के बाद माता-पिता के पास जाएं इसका उल्लेख नहीं है.

कानून में सिर्फ़ इतना कहा गया है कि 'जो लोग अपने माता-पिता से दूर रहते हैं उन्हें घर जाते रहना चाहिए.'

अदालत

चीन में बुज़ुर्ग
इमेज कैप्शन, लोग कह रहे हैं कि पारिवारिक रिश्ते भावुकता पर आधारित होते हैं, इनके लिए कानून ज़रुरी नहीं हैं

हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि कानून में कोई धार नहीं है.

बीजिंग के एक वकील झांग यान कहते हैं कि ये कानून जनता के लिए एक 'शैक्षिक संदेश' की तरह है और इसका उल्लंघन किसी दीवानी मुकदमे का आधार बन सकता है.

झांग यान कहते हैं, "इस कानून को लागू करना मुश्किल तो है लेकिन नामुमकिन नहीं. अगर अदालत में इस कानून के तहत मुकदमा दायर हो तो वो संभवतः शांतिपूर्वक तरीके से रफ़ा-दफ़ा हो जाएगा. लेकिन ऐसा ना होने की स्थिति में अदालत किसी व्यक्ति को महीने में तय अंतराल के बाद माता-पिता के घर जाने का आदेश सुना सकती है."

वैस बहुत कम लोगों को विश्वास है कि वो इस कानून की अवहेलना करके जेल पहुंच जाएंगे.

आलोचना

इंटरनेट पर एक व्यक्ति ने लिखा, "मां-बाप के पास कौन नहीं जाना चाहता? इस प्रक्रिया पर कौन नज़र रखेगा."

एक अन्य संदेश कुछ इस तरह है, "हम सब बुज़ुर्ग मां-बाप का सम्मान करते हैं लेकिन कई बार हम इतने व्यस्त होते हैं कि समय ही नहीं मिलता."

कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हमें काम से फ़ुर्सत तो दो हम ख़ुद अपने मां-बाप से मिलना चाहते हैं. इस सारी बहस के केंद्र में है चीन की बूढ़ी होती आबादी.

चीनी सरकार के अनुसार साल 2010 में करीब 17 करोड़ लोगों की आयु 60 वर्ष से ऊपर थी और साल 2030 तक ये आंकड़ा दोगुना यानी 34 करोड़ को पार कर जाएगा.

हाल के दिनों में चीन के मीडिया में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां बच्चों ने बुज़ुर्ग माता-पिता की अनदेखी की है.

लेकिन इसके बावजूद लोग इंटरनेट पर कह रहे हैं कि पारिवारिक रिश्ते भावुकता पर आधारित होने चाहिए और इनमें कानून का दख़ल नहीं होना चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉइड ऐप के लिए आप यहाँ <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> या <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर भी फॉलो कर सकते हैं)