जापान में अंग्रेजी- नहीं चलेगी, नहीं चलेगी

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इमेज कैप्शन, जापान में दर्शको का एक वर्ग है जिसे अंग्रेजी शब्दों के ज्यादा इस्तेमाल पर बेहद आपत्ति है.

जापान में एक दर्शक 'राष्ट्रीय प्रसारण' से बेहद ख़फ़ा है. उन्होंने अंग्रेजी शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल करने पर प्रसारकों पर मुक़दमा दर्ज करवा दिया है.

यह दर्शक हैं 71 साल के होजी तकाअशी. उन्होंने राष्ट्रीय प्रसारण चैनल 'एनएचके' पर मानसिक रूप से परेशान करने के लिए 14 लाख येन की राशि की भरपाई की मांग की है.

होजी तकाअशी के वकील मुत्सुओ मियाता ने 'एएफ़पी' न्यूज़ एजेंसी को बताया, “तकाअशी को इस बात की ज्यादा चिंता है कि <link type="page"><caption> जापान अमरीका </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130527_india_japan_pm_visit_vr.shtml" platform="highweb"/></link>बनता जा रहा है.”

अमरीकी कब्जा

द्वितीय <link type="page"><caption> विश्व युद्ध के बाद अमरीका</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130526_japan_osaka_mayor_remarks_sp.shtml" platform="highweb"/></link> के नेतृत्व में <link type="page"><caption> जापान में</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130530_kolkata_football_vr.shtml" platform="highweb"/></link> अंग्रेजी ज्यादा प्रचलित होने लगी.

यही नहीं, जापान के निवासी अमरीका के पॉप कल्चर के प्रति भी बेहद आकर्षित होते चले गए.

अब हाल यह है कि देश की आम बोलचाल की भाषा में अंग्रेजी के शब्दों ने तेज़ी से<link type="page"><caption> घुसपैठ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130411_japan_car_recall_ap.shtml" platform="highweb"/></link> कर ली. कई अंग्रेजी शब्द जापानी बोली में ढल गए हैं.

होजी तकाअशी जापानी भाषा के बड़े हिमायती हैं. वे जापानी भाषा को बढ़ावा देने वाले एक ख़ास ग्रुप के सदस्य भी हैं.

'जिंग्लिश'

तकाअशी ने समाचार और मनोरंजन से जुड़े राष्ट्रीय चैनल ‘एनएचके’ पर बोलचाल में इस्तेमाल हो रहे कई जिंग्लिश (अंग्रेजी और जापानी) शब्दों के कुछ उदाहरण भी दिए हैं.

उन्होंने ‘एनएचके’ पर आरोप लगाया है कि वह अंग्रेजी शब्दों को बदल कर जापानी लहजे में बोले जाने वाले शब्द ईजाद कर रहा है और उन्हें अपने कार्यक्रमों में बार-बार इस्तेमाल कर रहा है.

तकाअशी इन जिंग्लिश शब्दों को अपनाने से साफ़ इंकार करते है.

मियाता ने ‘द जापान टाइम्स’ को कहा, “जापानी समाज अमरीकीकरण का शिकार है. तकाअशी का मानना है कि ‘एनएचके’ समाज की इस प्रवृति को नकारते हुए अपनी प्राथमिकताएं तय करे. जापानी भाषा को अपने कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा जगह दे. जापानी संस्कृत्ति को बचाने में यह क़दम कारगर साबित होगा.”

शिकायत

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इमेज कैप्शन, जापान में कुछ बुजुर्ग चाहते हैं कि टीवी पर 'विदेशी शब्दों' का इस्तेमाल बंद हो.

‘द जापान टाइम्स’ के अनुसार तकाअशी ने जापान के चुबु इलाक़े के मंगलवार को नगोया जिला न्यायालय में अपनी शिकायत दर्ज कर दी है.

दूसरी ओर एनएचके ने कहा है कि जब तक वह उन क़ानूनी दस्तावेज़ों को देख नहीं लेता, कोई टिप्पणी नहीं करेगा.

जापान की शब्दावली में कुछ अन्य विदेशी भाषाओं के शब्द भी मौजूद हैं.

कुछ ऐसा ही मामला फ्रांस में भी पाया गया है. परंपरावादी फ्रांसीसी लोग भी अपनी बोलचाल और मातृभाषा में अंग्रेजी शब्दों के बढ़ते इस्तेमाल से चिंतित हैं.

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