मिलिए पाकिस्तान की पहली महिला फ़ाइटर पायलट से

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर की रहनेवाली 26 वर्षीय आयशा फारूक़ देश की पहली महिला लड़ाकू विमान चालक बन गईं हैं. आयशा पिछले दस साल में पाकिस्तान की वायुसेना में शामिल हुई 19 महिलाओं में से एक हैं.
उनके अलावा पांच अन्य महिलाओं का लड़ाकू विमान चालक बनने के लिए चयन किया गया है. लेकिन उन पांचों का लड़ाई के लिए तैयार होने से पहले एक आखिरी टेस्ट पास करना बाकी है.
अपने साथी पुरुष पायलटों से तुलना के बारे में बात करते हुए मृदुभाषी आयशा कहती हैं, "मुझे कोई फर्क महसूस नहीं होता. हमारा काम एक है. अचूक बमबारी करने में हम उन्हीं की तरह सक्षम हैं."
तालिबानी लड़ाकों और पाकिस्तान में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा के बारे में आयशा कहती हैं, "हमारी <link type="page"><caption> भौगोलिक स्थिति एवं चरमपंथ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2008/08/080827_pakistan_taliban.shtml" platform="highweb"/></link> की समस्या को देखते हुए हमें हर वक्त मुस्तैद रहना बेहद जरूरी है."

अपने हुष्ट-पुष्ट पुरुष साथियों की तुलना में दुबली-पतली नजर आने वाली आयशा को सात साल पहले वायुसेना में आने के लिए अपनी विधवा एवं अनपढ़ माँ के विरोध का सामना करना पड़ा था.
आयशा कहती हैं, "हमारे समाज में ज्यादातर लड़कियां विमान उड़ाने जैसे पेशे के बारे में सोचती भी नहीं."
वायुसेना अधिकारियों के अनुसार सेना में पारंपरिक रूप से पुरूषों के वर्चस्व के कारण महिलाओं को लड़ाकू विमान चालक बनने में परिवार के विरोध का सामना करना पड़ता है.
महिलाएं आम तौर पर हल्के विमान चलाती हैं. वे सैनिकों और साजों-सामान को देश में एक से दूसरी जगह ले जाने का काम करती हैं.
बढ़ती भागीदारी
पाकिस्तान के <link type="page"><caption> सीमावर्ती कबीलाई इलाकों में कथित इंसाफ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2008/07/080716_taleban_courts.shtml" platform="highweb"/></link> के नाम पर महिलाओं का बलात्कार, अंग-भंग एवं हत्या की घटनाएं आम हैं.
इन घटनाओं से ज़ाहिर होता है कि आमतौर पर रुढ़िवादी सोच वाला पाकिस्तान <link type="page"><caption> महिला अधिकारों की रक्षा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130505_pakistan_election_women_vr.shtml" platform="highweb"/></link> करने में असफल रहा है.
इसके बावजूद पाकिस्तानी महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरुकता बढ़ी है. वायुसेना में शामिल होना उनके इस सोच को और मजबूती प्रदान करता है.

आयशा समेत अन्य 25 पायलटों वाले स्क्वैड्रन-20 के विंग कमांडर नसीम अब्बास कहते हैं कि "अब ज़्यादा से ज्यादा महिलाएं सेना से जुड़ रही हैं." आयशा चीन निर्मित एफ-7पीजी लड़ाकू जेट उड़ाती हैं.
पाकिस्तानी सेना में करीब 4,000 महिलाएं हैं. इनमें से ज्यादातर महिलाएं दफ्तर एवं चिकित्सा संबंधी कार्यों से जुड़ी हुई हैं.
अब्बास बताते हैं कि इस वक्त पाकिस्तानी वायुसेना में कुल 316 महिलाएं हैं जबकि पांच साल पहले तक वायुसेना में मात्र 100 महिलाएं ही थीं.
एफ-16 लड़ाकू विमानों की तकनीकी देखभाल करने जा रही वायुसेना की 24 वर्षीय वैमानिकी अभियंता अनम हसन कहती हैं, "पाकिस्तानी सीमा की <link type="page"><caption> चरमपंथ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2008/06/080627_pakistan_execute.shtml" platform="highweb"/></link> से रक्षा करना जरूरी है और साथ ही ये भी बेहद अहम है कि इसमें सबकी भागीदारी हो. हालांकि वायुसेना को ये बात समझने में थोड़ा वक्त लगा."
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