तुर्की: चेतावनी के बावजूद प्रदर्शन जारी

तुर्की के प्रधानमंत्री की चेतावनी को दर किनार करते हुए इस्तांबुल के तकसीम चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर से संघर्ष हुआ है.

प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अब वो और सहनशीलता का परिचय नहीं देंगे.

इससे पहले,मंगलवार सुबह तुर्की में दंगा नियंत्रण पुलिस ने राजधानी इस्तांबुल के तकसीम चौक पर हज़ारों की तादाद में जमा प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और रबड़ की गोलियाँ दागकर उन्हें खदेड़ दिया था लेकिन बाद में प्रदर्शनकारी फिर से इकट्ठे हो गए.

वहाँ मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में आंदोलनकारियों ने उन पर पटाखे, बम और पत्थर बरसाए.

ताजा झड़प उस समय शुरू हुई जब पुलिस ने गेजी पार्क में चल रहे प्रदर्शन को भी तितर-बितर करने की कोशिश की.

इसके बाद प्रदर्शनकारी पास में ही बने गेजी पार्क में इकट्ठा होने लगे जहाँ कई लोग पहले से ही डेरा जमाए थे. पुलिस का कहना है कि उनकी योजना पार्क से भीतर जाने की नहीं है.

इस्तांबुल के गवर्नर हुसैन अवनी मुतलू ने तुर्की के टेलीविजन पर कहा," मैं लोगों से बार बार कह रहा हूँ कि वो तकसीम चौक पर ना जाएं, उस समय तक जब तक लोगों को वहाँ से पूरी तरह हटा नहीं दिया जाता और उसे जनता के लिए दोबारा खोल नहीं दिया जाता. हम दिन रात सुरक्षा के लिए कार्रवाई चलाते रहेंगे, हम चाहते हैं कि हर कोई पुलिस की हरसंभव मदद करे."

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री रचैप तयैप एरदोआन की सरकार पर निरंकुश होने का आरोप लगाया है.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार एक धर्मनिरपेक्ष राज्य में संकीर्ण इस्लामिक मूल्यों को थोपने की कोशिश कर रही है.

<link type="page"><caption> (तस्वीरों में देखें--तुर्की में नौजवानों का गुस्सा सड़कों पर)</caption><url href="तुर्की में नौजवानों का गुस्सा सड़कों पर" platform="highweb"/></link>

इस्लामीकरण का विरोध

कथित इस्लामीकरण के विरोध में युवाओं और मध्यवर्ग का प्रदर्शन अपने 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है.

प्रदर्शनकारियों ने तकसीम चौक पर काफी हद तक नियंत्रण बनाए रखा है.

प्रदर्शन शुरू होने के बाद से तीन <link type="page"><caption> लोगों की मौत</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130604_turkey_latest_development.shtml" platform="highweb"/></link> हो चुकी है और 5,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

इस्तांबुल के अलावा अंकारा में भी प्रदर्शन हुए हैं. पुलिस ने वहाँ प्रदर्शन को खत्म करने के लिए लगभग हर रात पानी की बौछारें की और आंसू गैस के गोले दागे.

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