सीरिया को मिलीं रूसी मिसाइलें : असद

बशर अल-असद, सीरियाई राष्ट्रपति (फ़ाइल फोटो)
इमेज कैप्शन, बशर अल-असद, सीरियाई राष्ट्रपति (फ़ाइल फोटो)

<link type="page"><caption> सीरिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130528_syria_massacre_ss.shtml" platform="highweb"/></link> के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने कथित रूप से कहा है कि उन्हें रूस की एस-300 मिसाइल की <link type="page"><caption> पहली खेप मिल गई है</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130528_russia_defends_syria_sy.shtml" platform="highweb"/></link>.

इस्राइल पहले ही कह चुका है कि ऐसा हुआ तो वह इसका जवाब देगा.

इस घटनाक्रम से मध्यपूर्व में तनाव बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है.

लेबनान की राजधानी बेरूत में बीबीसी संवाददाता जिम मुइर के अनुसार सीरियाई राष्ट्रपति ने लेबनान के शिया चरमपंथी संगठन हिज़बुल्लाह के टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में यह बयान दिया है. यह साक्षात्कार गुरुवार की देर शाम प्रसारित किया जाएगा.

मुश्किल हालात

हिज़बुल्लाह के लड़ाके पश्चिमी सीरिया में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अल कुशीर कस्बे में कब्ज़े के लिए संघर्षरत हैं.

सीरिया को एस-300 मिसाइलों की आपूर्ति को इस्राइल एक बड़े ख़तरे के रूप में देख सकता है.

हालांकि अभी यह साफ़ नहीं है कि प्रसारित होने वाले साक्षात्कार में राष्ट्रपति असद ने ठीक-ठीक क्या कहा है.

हिज़्बुल्लाह के टीवी चैनल अल-मनर के अनुसार राष्ट्रपति ने कहा है कि उन्हें मिसाइलों की एक खेप पहले ही मिल चुकी है और बाकी जल्द ही मिलने वाली हैं.

हालांकि हो सकता है कि वह सामान्य ढंग से बात कर रहे हों लेकिन यह साफ़ है कि सीरिया को कुछ एस-300 मिसाइल मिल चुकी हैं.

साफ़ है कि इस्राइल जो इस साल पहले ही सीरिया पर तीन हवाई हमले कर चुका है इसे बेहद संजीदगी से लेगा.

कथित रूप से अपने साक्षात्कार में राष्ट्रपति असद ने चेतावनी दी है कि ऐसा फिर हुआ तो सीरिया तुरंत इसका जवाब देगा.

उन्होंने कथित रूप से इसकी पुष्टि की कि हिज़्बुल्लाह के लड़ाके रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र अल-कुसीर में <link type="page"><caption> विद्रोहियों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130527_syria_arms_embargo_lifted_sy.shtml" platform="highweb"/></link> से लड़ रहे हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सैकड़ों घायल नागरिक मुश्किल हालात में फंस गए हैं क्योंकि दवाओं की आपूर्ति ख़त्म होती जा रही है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>