जब फ़ेसबुक के ज़रिए हुआ पाकिस्तान में एक अपहरण

फ़ेसबुक पर दोस्त बनकर कराची में किशोर का अपहरण कर लिया गया
इमेज कैप्शन, फ़ेसबुक पर दोस्त बनकर कराची में किशोर का अपहरण कर लिया गया

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर <link type="page"><caption> कराची</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130501_pak_elections_karachi_ia.shtml" platform="highweb"/></link> में सोशल नेटवर्किंग साइट <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130508_facebook_figures_skj.shtml" platform="highweb"/></link> के ज़रिये एक 13 साल के <link type="page"><caption> किशोर को फुसलाकर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130426_facebook_age_limit_debate_sy.shtml" platform="highweb"/></link> उनका <link type="page"><caption> अपहरण</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130326_karachi_shazeb_vd.shtml" platform="highweb"/></link> कर लिया गया.

<link type="page"><caption> पुलिस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130321_karachi_taliban_ra.shtml" platform="highweb"/></link> ने सोमवार को मुठभेड़ के बाद उसे अपहर्ताओं की कैद से मुक्त करवा लिया.

अपहर्ताओं ने बच्चे के पिता से 5 करो़ड़ रुपये (करीब 2.78 करोड़ भारतीय रुपये) की फ़िरौती मांगी थी.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियाज़ खोसो ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि घटना को अंजाम देने वालों ने करीब छह महीने पहले मुस्तफ़ा नाम के इस किशोर से फ़ेसबुक पर चैट शुरू की थी.

कराची के इस गैंग के सदस्यों ने मुस्तफ़ा से चैट करते हुए खुद को एक ऑनलाइन गेमिंग पार्टनर के रूप में पेश किया और शुक्रवार को उन्हे मिलने के लिए बुलाया.

पांच करोड़ की मांग

इसके बाद उसका अपहरण कर कराची के हब इलाके में ले जाया गया और उनके परिवार से पांच करोड़ रुपये की मांग की गई.

पुलिस के अनुसार उन्होंने मोबाइल फ़ोन रिकॉर्ड्स की मदद से अपहर्ताओं के ठिकाने का पता लगाया और सोमवार सुबह मुठभेड़ के बाद किशोर को छु़ड़ा लिया गया.

इस मुठभेड़ में चार अपहर्ताओं की मौत हो गई और एक को गिरफ़्तार कर लिया गया.

मुस्तफा के पिता सीमा शुल्क विभाग में वरिष्ठ अधिकारी हैं.

उनकी मां का कहना है कि लोगों को अपने बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नज़र रखनी चाहिए.

स्थानीय मीडिया के सामने सुबकते हुए उन्होंने कहा, “मैं सभी माता-पिता से प्रार्थना करती हूं कि वह अपने बच्चों को फ़ेसबुक पर दोस्त न बनाने दें.”

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>