बच्चों से सेक्स मामले में सात लोग दोषी

गलतियों के लिए वकीलों, पुलिस और सामाजिक सेवा ने माफी मांगी है
इमेज कैप्शन, गलतियों के लिए वकीलों, पुलिस और सामाजिक सेवा ने माफी मांगी है

ब्रितानी शहर<link type="page"><caption> ऑक्सफ़ोर्ड में बच्चों को सेक्स</caption><url href=" http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/10/121028_international_europe_gary_glitter_aa.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए तैयार करने वाल एक गिरोह के सात सदस्यों को <link type="page"><caption> बच्चों के साथ दुर्व्यवहार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/01/130110_kinski_daughter_abuse_akd.shtml" platform="highweb"/></link> का दोषी पाया गया है.

ज्यूरी ने सुनवाई में पाया कि 11 से 15 साल की छह लड़कियों को नशीले पदार्थ खिलाए गए और उनके साथ परपीड़क व्यवहार किया गया.

सुनवाई के दौरान पता चला कि इन <link type="page"><caption> लड़कियों का यौन उत्पीड़न</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120922_international_others_church_sm.shtml" platform="highweb"/></link> करने के लिए उन्हें शराब पिलाई गई और नशीली दवाएं खिलाई गईं. इनमें कुछ को मारा-पीटा गया, जलाया गया और धमकी दी गई.

<link type="page"><caption> (ग्यारह साल की उम्र में बना दी गई 'सेक्स की गुलाम')</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130221_oxford_exploitation_trial_pk.shtml" platform="highweb"/></link>

बलात्कार,<link type="page"><caption> बच्चों से वेश्यावृत्ति</caption><url href=" http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130403_australia_child_sex_abuse_vd.shtml" platform="highweb"/></link> कराने और 2004 से 2012 के बीच उनकी तस्करी करने के आरापों से नौ पुरुषों ने इनकार कर दिया था. दो लोगों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है.

लंबा कारावास

इस मामले में दोषी ठहराए गए क़मर जमील, अख़्तर डोगर, अंजुम डोगर, असद हुसैनस मोहम्मद करार, बासम करार और जिशान अहमद से न्यायाधीश ने कहा,''आपको सबसे गंभीर अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है और आपके लिए लंबे कारावास की सज़ा ज़रूरी है.''

इन लोगों को 26 जून को सज़ा सुनाई जानी है.

इन पीड़ित लड़कियों के दुखों की शुरुआत तो ऑक्सफ़ोर्ड में ही हुई. लेकिन उनमें से कुछ को देशभर में जाकर उन लोगों को सौंपा गया, जो इस गैंग के संपर्क में थे.

सुनवाई के दौरान पता चला कि इन पुरुषों ने इस काम के लिए उपयुक्त लड़की की पहचान कैसे की और उनमें से हर लड़की को इसके लिए तबतक तैयार किया गया, जबतक वे इस गिरोह के नियंत्रण में नहीं आ गई.

इन लड़कियों के साथ शारीरिक और यौन हिंसा की गई. इसके लिए उन्हें बांधा गया, जलाया गया, उनका गला घोंटा गया, पीटा गया, नोंचा-खरोंचा गया और उनपर पेशाब तक किया गया.

ज्यूरी को बताया गया कि पीड़ितों में से अधिकांस ने अपनी इंद्रियों को शिथिल करने के लिए नशीली दवाओं को अधिक खुराक ले ली. ख़ासकर तब, जब उन्हें पता चला कि अधिक पुरुषों के कई दिन तक चलने वाले सामूहिक यौन उत्पीड़न के लिए ले जाया जा रहा है.

अंतहीन पीड़ा

ये लड़कियां जब ऑक्सफ़ोर्ड लौटती थीं तो वे घायल होती थी, रक्तस्राव और सेक्स से होने वाली बीमारियों से पीड़ित होती थीं.

दोषी पाए गए लोगों को 26 जून को सज़ा सुनाई जाएगी
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एक पीड़ित लड़की ने बताया कि जब वह 13 साल की थी तो उसे अत्यधिक नशीली दवाएं दी जाती थीं और अजनबियों के साथ सेक्स करते हुए उनकी वीडि़यों फ़िल्म बनाई जाती थी.

एक बार तो उसे बेहतरीन गुणवत्ता वाली कोकीन दी गई. उसे खाने के बाद वह ठीक से सांस नहीं ले पा रही थी तो उसे अस्पताल ले जाया गया.

वहीं ग्यारह साल की उम्र से सेक्स के लिए तैयार की जा रही एक लड़की ने बताया कि वह मोहम्मद करार के प्यार में पड़ गई थी. उसने उसके साथ बलात्कार किया, बेसवाल के बल्ले से पीटा और उसे 12 साल की उम्र में गर्भपात के लिए मज़बूर किया.

इस लड़की ने बताया,''उस समय मैंने सोचा कि यह मेरी पसंद है तो ठीक है. लेकिन समय बीतने से साथ-साथ मैंन देखा कि मेरे पास कोई विकल्प नहीं था. मैंने कहा नहीं, लेकिन मुझे कहने नहीं दिया गया.''

उसने बताया, ''यह एक सामान्य संबंध की तरह था. लेकिन अब मुझे लगता है कि वह सामान्य नहीं था, क्योंकि उस समय मैं बच्ची थी.''

इस लड़की ने कहा,''उसने मुझसे कहा कि वह मुझसे प्यार करता है और जब मैं 15 साल की हो जाऊंगी तो वह मुझे सऊदी अरब लेकर जाएगा और मुझसे शादी करेगा.''

माना जा रहा है कि इस गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के कई अवसर हाथ से निकल गए. वकीलों, पुलिस और सामाजिक सेवा ने अपनी विफलताओं के लिए माफी मांगी है.

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