नाइजीरिया में "बच्चों की फैक्ट्री" पर छापा

नाइजीरिया के दक्षिण-पूर्व इमो प्रांत में "बच्चों की फैक्ट्री" पर छापा मारकर 17 गर्भवती लड़कियों और 11 बच्चों को मुक्त कराया गया. पुलिस बच्चों को बेचने की योजना बनाने वाली महिला की तलाश कर रही है.
पुलिस की प्रवक्ता ज्वाय एल्मोको ने बताया कि लड़कियों को दिन में केवल एक वक़्त खाना दिया जाता था और उन्हे घर से बाहर निकलने से मना किया जाता था.
नाइजीरिया के दक्षिण-पूर्व में इस तरह की "बच्चा फैक्ट्रियों" की मौजूदगी बहुत हैरानी की बात नहीं है.
एएफ़पी के मुताबिक छापे से मुक्त कराई गई लड़कियों ने बताया कि एक 23 साल का व्यक्ति उन सभी के गर्भधारण के लिए जिम्मेदार है. पुलिस ने इस व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया है.
मानव तस्करी का केंद्र
यूरोपियन यूनियन का कहना है कि चीन के साथ नाइजीरिया यूरोप में मानव तस्करी के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है, जहां लोगों को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जाता है.
मानव तस्करी निषेध के लिए गठित राष्ट्रीय एजेंसी (एनएपीटीआईपी) ने 2011 में कहा कि बच्चों को 4,000 डॉलर या लगभग 2.20 लाख रुपए में बेचा जाता.
बीबीसी संवाददाता ने बताया कि नाइजीरिया में ऐसी गरीब लड़कियों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. अगर वे शादी से पहले गर्भवती हो जाती हैं तो उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाता है.
तस्करी की रोकथाम के लिए गठित राष्ट्रीय एजेंसी का कहना है कि "बच्चा फैक्ट्री" में लड़कियों को अनियोजित गर्भधारण के बाद अस्पताल ले जाया जाता है. जहां उनके ऊपर गर्भपात का दबाव बनाया जाता है.
तस्करी के लिए लाए गए बच्चों को गै़र का़नूनी तरीके से गोद लेने वालों को बेचा जाता है. बच्चों का इस्तेमाल बाल मजदूरी और वेश्यावृत्ति के लिए भी होता है. कभी-कभी तो बच्चों को जादू-टोने के नाम पर मार दिया जाता है.












