सीआईए को भी थी बॉस्टन संदिग्ध की जानकारी

अमरीका में अधिकारियों ने बताया है कि बॉस्टन बम धमाकों के एक संदिग्ध को सीआईए के अनुरोध के बाद ‘टेरर डाटाबेस’ में शामिल किया गया था.
‘टाइड’ नाम के इस डाटाबेस में करीब सात लाख 45 लाख लोगों के नाम हैं. इस सूची में जिन लोगों का नाम है ये ज़रूरी नहीं है कि वो ‘आंतकवादी वाचलिस्ट’ में भी शामिल हों.
एफ़बीआई तो पहले ही कह चुका है कि उसने तमरलान सारनाएफ़ से पूछताछ की थी लेकिन उसे कोई सुबूत नहीं मिला था.
'टाइड सूची' में नाम शामिल करने के सीआईए के अनुरोध के छह महीने पहले ही एफबीआई ने रूस से तमरलान के बारे में और जानकारी माँगी थी. लेकिन जब कोई जानकरी नहीं मिली तो जाँच ख़त्म कर दी गई.
रूस ने अमरीका को तमरलान की गतिविधियों के बारे में आगाह किया था. संदिग्धों के परिवार का नाता चेचन गणराज्य से है जो मुस्लिम बहुल इलाका है.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बॉस्टन धमाको की रोशनी में इस बात पर ज़ोर दिया है कि अमरीका और रूस को आंतकवाद के खिलाफ़ लड़ाई में आपसी सहयोग करना चाहिए.
'एफबीआई की ग़लती नहीं'
अमरीकी अधिकारी ये कह चुके हैं कि अमरीका के खुफ़िया तंत्र को 15 अप्रैल के हमलों को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली थी.
बुधवार को एक गुप्त ब्रीफ़िंग के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेस सदस्य डच रुपर्सबर्जर ने कहा कि इस मामले में एफ़बीआई की कोई ग़लती नहीं दिखती है.
उन्होंने रिपोर्टरों को बताया, “आज की गवाही के बाद मुझे लगता है कि एफ़बीआई ने वही किया जो उसे करना चाहिए था और जानकारी मिलने के बाद उसने सारे ज़रूरी कायदों का पालन किया. मुझे बताया गया है कि बम विस्फोट गराज ओपनर जैसे किसी उपकरण’ से किया गया.”
तमरलान और उनके भाई ज़ोख़र सारनाएफ़ बॉस्टन मैराथन धमाकों में संदिग्ध हैं लेकिन पिछले हफ़्ते तमरलान पुलिस अभियान में मारे गए थे जबकि ज़ोख़र पुलिस हिरासत में हैं.
ज़ोख़र पुलिस से भागकर मैसाच्यूसेट्स इलाके में एक नाव में जाकर छिप गए थे. पुलिस ने बाद में उन्हें ढूँढ निकाला. वे ज़ख्मी हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.
'इराक़ युद्ध से नाराज़'
15 अप्रैल को हुए इन धमाकों में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 260 से ज़्यादा घायल हुए थे.
अधिकारियों ने शुरु में कहा था ज़ोख़र और पुलिस के बीच एक घंटे से ज़्यादा तक गोलीबारी हुई थी. लेकिन एपी ने दो अनाम अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि ज़ोख़र को जब पकड़ा गया था तो वे निहत्थे थे.
ज़ोख़र सारनाएफ़ पर विनाशकारी हथियार इस्तेमाल करने और संपत्ति नष्ट करने का आरोप लगा है जिससे लोगों की मौत हो गई. अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें मौत की सज़ा हो सकती है.
पूछताछ के दौरान ज़ोख़र ने बताया कि वो और उनके भाई इराक़ और अफ़गानिस्तान में अमरीका के युद्ध को लेकर ग़ुस्से में थे.
लेकिन अमरीकी राजनेताओं के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि दोनों भाई किसी चरमपंथी संगठन के संपर्क में नहीं थे.
रूसी मीडिया के मुताबिक संदिग्धों के माता-पिता गुरुवार को अमरीका पहुँचेगे.












