मौत के बाद क्या होगा आपके ई मेल का?

गूगल लोगो
इमेज कैप्शन, गूगल टूल मौत के बाद ई मेल की करेगा व्यवस्था

कभी सोचा है कि मौत के बाद आपके <link type="page"><caption> ई मेल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/06/120625_facebook_email_akd.shtml" platform="highweb"/></link>, <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130410_social_media_activism_da.shtml" platform="highweb"/></link> स्टेटस और अन्य सूचनाओं का क्या होगा? जानी मानी सॉफ्टवेयर कंपनी गूगल ने अब इस समस्या हल करने का फैसला किया है.

इन्हें या तो आपके किसी खास दोस्त या रिश्तेदार को सौंपा जा सकता है या फिर इनकी गोपनीयता बरकरार रखते हुए इन्हें डिलीट किया जा सकता है.

सब कुछ आपकी पसंद पर निर्भर करता है.

सॉफ्टवेयर कंपनी गूगल अब अपने यूजर्स को इस बात की इजाजत देगी कि वो तय कर सकें कि मौत के बाद उन्हें उनकी निजी सूचनाओं का क्या करना है. इन्हें या तो किसी खास दोस्त, रिश्तेदार को सौंपा जा सकता है या फिर उसे डिलीट भी किया जा सकता है.

इंटरनेट

केवल मौत ही नहीं अगर आपका मन इंटरनेट से ऊब गया है और आप कुछ समय के लिए ब्रेक लेना चाहते हैं तो भी ये विकल्प आपके लिए संभव होंगे. हां, बस ध्यान रखने वाली बात ये है कि ये सुविधा फिलहाल गूगल के पास ही है.

पूरी दुनिया में <link type="page"><caption> इंटरनेट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130327_internet_attack_da.shtml" platform="highweb"/></link> का इस्तेमाल करने वालों ने इस बारे में चिंता जताई थी.

इसी के बाद गूगल ने ये फैसला किया है. गूगल की ओर से जारी बयान में कहा गया है,” हमें उम्मीद है कि इस नये फीचर से आपको आपके <link type="page"><caption> डिजिटल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121029_digitisation_akd.shtml" platform="highweb"/></link> जीवन के बारे में योजना बनाने में मदद मिलेगी.यह गोपनीय और सुरक्षित तो है ही इससे आपके चाहने वालों को भी आसानी ही होगी.”

गूगल का मुख्यालय अमेरिका के कैलीफोर्निया में है. कंपनी यू ट्यूब, फोटो संपादित करने वाला सॉफ्टवेयर पिकासा और ब्लॉग स्पॉट को भी संचालित करती है.

डिलीट

गूगल का कहना है कि उसके यूजर्स सूचनाओं को तीन, छह, नौ या फिर 12 महीने बाद डिलीट करवा सकते हैं.

ये उन पर निर्भर करता है.

हालांकि इस बारे में अंतिम फैसला करने से पहले यूजर्स से ई मेल या दिए गए नंबर पर <link type="page"><caption> एसएमएस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/12/111215_talaq_sms_vv.shtml" platform="highweb"/></link> के जरिए बात की जाएगी.

गूगल के अलावा फेसबुक ने भी मौत के बाद यूजर्स के खाते पर मौजूद सामग्री को यादगार बनाने का विकल्प तैयार किया है.